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यूपी में एसआईआर ड्राफ़्ट सूची जारी: 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे, विपक्ष ने उठाए सवाल

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✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, लखनऊ | उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी की गई ड्राफ़्ट सूची ने सियासी हलकों में हलचल तेज़ कर दी है। 6 जनवरी को प्रकाशित इस ड्राफ़्ट सूची में राज्यभर में कुल 12 करोड़ 55 लाख से अधिक मतदाता दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सूची की तुलना में लगभग 2 करोड़ 89 लाख कम हैं। इतनी बड़ी कटौती को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, कटे हुए नामों में 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि करीब 2.17 करोड़ मतदाता स्थायी या अस्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके अलावा 25.47 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए, यानी एक ही व्यक्ति के नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे। आयोग का कहना है कि 2025 की मतदाता सूची में लगभग 15 करोड़ 44 लाख नाम दर्ज थे, जिनका मिलान एसआईआर के दौरान किया गया।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, एसआईआर से जुड़े सभी गणना प्रपत्र प्राप्त कर लिए गए हैं और ड्राफ़्ट सूची के प्रकाशन के बाद मतदाताओं को एक महीने का समय दिया गया है। इस अवधि में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

जिलावार आंकड़ों में राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक कटौती सामने आई है, जहां लगभग 12 लाख नाम ड्राफ़्ट सूची से बाहर हो गए हैं। प्रयागराज, ग़ाज़ियाबाद, कानपुर, आगरा, बरेली, मेरठ और गोरखपुर जैसे बड़े ज़िलों में भी लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। आयोग का कहना है कि जिन मतदाताओं की 2003 की सूची से मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे मतदाताओं की संख्या एक करोड़ से अधिक बताई जा रही है।

ड्राफ़्ट सूची जारी होते ही मतदाता नाम जांचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल, बीएलओ और साइबर कैफे़ का सहारा ले रहे हैं। कई इलाकों में बीएलओ के पास बड़ी संख्या में फोन कॉल पहुंच रहे हैं। वहीं, विपक्षी दलों का आरोप है कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे आने वाले चुनावों में मतदान अधिकार प्रभावित हो सकता है।

चुनाव आयोग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पारदर्शी ढंग से की गई है और अंतिम सूची में किसी भी पात्र मतदाता का नाम बाहर नहीं रहने दिया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जानी है।

जौनपुर: सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट

जौनपुर ज़िले में एसआईआर के बाद जारी ड्राफ़्ट मतदाता सूची में भारी कटौती दर्ज की गई है। सूची प्रकाशन से पहले ज़िले में कुल 35,70,851 मतदाता दर्ज थे, जो अब घटकर 29,81,308 रह गए हैं। इस तरह 5,89,543 मतदाताओं के नाम ड्राफ़्ट सूची से बाहर हो गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने यह सूची जारी की गई।

विधानसभावार आंकड़ों में जौनपुर सदर में सबसे अधिक 1,04,501 नाम कटे हैं। इसके अलावा बदलापुर, शाहगंज, मल्हनी, मड़ियाहूं, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, जफराबाद और केराकत विधानसभा क्षेत्रों में भी हजारों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पात्र मतदाता दावा-आपत्ति की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ आवेदन कर अपना नाम दोबारा सूची में जुड़वा सकते हैं।
विधानसभावार कटौती में जौनपुर सदर (1,04,501) सबसे ऊपर है। इसके अलावा बदलापुर (50,654), शाहगंज (61,014), मल्हनी (59,341), मड़ियाहूं (52,686), मछलीशहर (64,942), मुंगराबादशाहपुर (61,117), जफराबाद (71,463) और केराकत (63,825) में भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं।

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