ओला-उबर-रैपिडो के अस्थायी लाइसेंस रद्द, हजारों चालक प्रभावित
✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई | महाराष्ट्र सरकार ने ऐप आधारित कंपनियों ओला-उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाओं के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। परिवहन विभाग के आदेश के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र में इन प्लेटफॉर्मों से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लग गई है। लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही एक बड़ा सवाल भी उठ रहा है क्या सरकार स्थानीय ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों और चालकों की मनमानी पर भी उतनी ही सख्ती दिखाएगी?
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कंपनियों को केवल निर्धारित शर्तों के तहत बाइक टैक्सी सेवा चलाने की अनुमति दी गई थी। जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर तय शर्तों का पालन नहीं किया गया और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालन जारी था। इसके बाद विभाग ने अस्थायी परमिट रद्द करने की कार्रवाई की।
परिवहन विभाग ने कहा है कि ऐप आधारित सेवाओं के संचालन को लेकर नियमों के पालन की निगरानी जारी रहेगी और आवश्यक होने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह फैसला सीधे तौर पर सहित पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र मुंबई, ठाणे, कल्याण, नवी मुंबई, बोरीवली, वसई, विरार और आसपास के उपनगरों में सेवा दे रहे हजारों बाइक टैक्सी चालकों को प्रभावित करेगा। परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के अनुमान के अनुसार एमएमआर में लगभग 50,000 से 60,000 तक चालक विभिन्न ऐप प्लेटफॉर्मों से जुड़े हुए थे।
मुंबई और आसपास के शहरों में पिछले कुछ वर्षों में बाइक टैक्सी सेवा तेजी से लोकप्रिय हुई थी। भीड़भाड़ वाले मार्गों और लंबी ट्रैफिक कतारों के बीच यह सेवा छोटी दूरी की यात्रा के लिए सस्ती और तेज़ विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी।
इसी बीच, यात्रियों और स्थानीय स्तर पर यह शिकायतें भी सामने आती रही हैं कि कई इलाकों में ऑटो-रिक्शा स्टैंड और यूनियन के कारण यात्रियों को निर्धारित स्टैंड से ही वाहन लेने के लिए कहा जाता है। कई बार मीटर से चलने से इनकार या छोटी दूरी की सवारी न लेने की शिकायतें भी दर्ज होती रही हैं।
