✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, मुंबई | करीब एक दशक से वेतन, पीएफ और अन्य बकाया के लिए भटक रहे किंगफिशर एयरलाइंस के हजारों पूर्व कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पहल से 311.67 करोड़ रुपये की राशि कर्मचारियों के बकाया भुगतान के लिए जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। यह रकम लंबे समय से लंबित ‘वर्कमेन ड्यूज़’ के निपटारे के लिए आधिकारिक परिसमापक (ऑफिशियल लिक्विडेटर) को सौंपी जाएगी। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की ‘पीड़ित-केंद्रित बहाली’ की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
मुंबई जोनल ऑफिस के तहत कार्यरत डायरेक्टोरेट ऑफ इन्फोर्समेंट ने बताया कि यह बहाली 12 दिसंबर 2025 को चेन्नई स्थित डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल-I के रिकवरी ऑफिसर के आदेश के बाद संभव हो पाई। यह राशि उन शेयरों की बिक्री से प्राप्त हुई है, जिन्हें पहले ईडी ने पीएमएलए के तहत जब्त कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को बहाल किया था। अब यह धनराशि किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के पूर्व कर्मचारियों को वितरित की जाएगी।
ईडी ने यह जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिनमें बैंक धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल थे। जांच में यह सामने आया कि कंपनी और उससे जुड़ी इकाइयों ने बैंकों से लिए गए कर्ज का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और हेरफेर किया।
इस दौरान विजय माल्या और उनसे जुड़ी कंपनियों की चल-अचल संपत्तियां जब्त की गईं। 5 जनवरी 2019 को मल्ल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी भी घोषित किया जा चुका है।
ईडी के मुताबिक, अब तक पीएमएलए की धारा 8(8) के तहत ₹14,132 करोड़ की संपत्तियां एसबीआई को लौटाई जा चुकी हैं, जिससे यह भुगतान संभव हो सका। ईडी ने एसबीआई के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया कि कर्मचारियों के बकाया को सुरक्षित लेनदारों से प्राथमिकता मिले।
इसी के तहत एसबीआई ने डीआरटी में आवेदन दाखिल कर कर्मचारियों के दावों के निपटारे पर सहमति जताई, जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने 311.67 करोड़ रुपये के वितरण का आदेश दिया।
