- दो दिनों में निवेशकों को हो चुका है 19 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
- अमेरिका, जापान, ताइवान के बाजार में कोहराम
- मंदी की आहट से 57 साल की सबसे बड़ी गिरावट
प्रहरी संवाददाता, मुंबई। स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को जोरदार गिरावट आई। वैश्विक बाजारों में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए, जिससे निवेशकों को 15 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी है।
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 2,200 अंक से अधिक का गोता लगा गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी 662 अंक की बड़ी गिरावट आई। सबसे ज्यादा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की पिटाई हुई। सरकारी कंपनियों के शेयर भी सबसे ज्यादा टूटे।
दुनिया के अन्य देशों के शेयर बाजारों में गिरावट के रुख के बीच सोमवार को भी बैंक, आईटी, धातु तथा तेल एवं गैस शेयरों में चौतरफा बिकवाली से बाजार नीचे आया। इस गिरावट से निवेशकों को एक दिन में 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 2,222.55 अंक यानी 2.74 प्रतिशत लुढ़क कर एक महीने से अधिक के निचले स्तर 78,759.40 अंक पर बंद हुआ।
बाजार में चार जून 2024 के बाद एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट है। उस दिन यह 2,686.09 अंक टूटकर 78,295.86 अंक पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 662.10 अंक यानी 2.68 प्रतिशत का गोता लगाकर 24,055.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 824 अंक लुढ़क कर 23,893.70 अंक तक आ गया था। निफ्टी में भी चार जून के बाद यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। उस दिन आम चुनाव के नतीजों के बाद बाजार में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में दोनों मानक सूचकांकों में करीब चार प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण सोमवार को घटकर 441.84 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। निवेशकों को शुक्रवार को 4.46 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस प्रकार, दो दिनों में उन्हें 19 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
