भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में परिवारवाद को ‘सदाचार’ और दलबदलुओं को मिला इनाम ✍️ प्रहरी विशेष संवाददाता, नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा...
“दिमागी नक्सल अब भी मौके की तलाश में है”- यदि किसी प्रधानमंत्री के भाषण में ऐसा वाक्य आता है, तो यह केवल राजनीतिक तंज नहीं रह जाता; यह लोकतांत्रिक भाषा...
✍️ विशेष रिपोर्ट, मुंबई | देश की राजनीति में राष्ट्रवाद का केंद्र बिंदु बदलने और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को अपने अनुकूल पुनर्गठित करने की रणनीति के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक...
80 करोड़ सरकारी राशनधारियों वाले देश में जनता के टैक्स के पैसे से सज रही ‘इवेंट्स’ की दुकानें! ✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, लखनऊ/नई दिल्ली | सत्ता में आने से पहले...
लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में जनता का आक्रोश कभी रातों-रात नहीं पनपता। यह लंबे समय से उपेक्षित चिंताओं, बेरोजगारी, प्रशासनिक बेरुखी और संस्थागत संवादहीनता की स्वाभाविक परिणति होता है। हालिया दौर में सामाजिक-राजनीतिक...
✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई | आषाढ़ी वारी के दौरान आलंदी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच पुणे महानगर पालिका ने वारकरियों के ठहराव...
विशेष रिपोर्ट ✍🏻प्रहरी संवाददाता, मुंबई/ नई दिल्ली | भारतीय राजनीति में अब चुनाव सिर्फ वोटों से नहीं, बल्कि विधायकों, संसाधनों और राजनीतिक दबाव की ताकत से भी तय होते दिखाई...
‘मार्कशीट’ चमकीली, पर ‘इकोनॉमी’ फेल: जब अंदरूनी सिपहसालारों ने ही खोल दी सरकारी दावों की पोल ✍️ प्रहरी संवाददाता, मुंबई | किसी भी जीवंत लोकतंत्र में सरकार के लिए सबसे...
कंक्रीट के उस आलीशान और बेरहम जंगल के नाम… जहां प्रकृति की बलि देकर ‘विकास’ की बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा चुकी हैं। इस गहरी पीड़ा, कड़वी हकीकत और पर्यावरण...