न्यूयॉर्क। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा धरती को डायनासोर के खात्मे जैसे महाविनाश से बचाने के लिए मंगलवार तड़के स्पेस में बहुत बड़ा प्रयोग करने जा रही है।
धरती को ऐस्टरॉइड के खतरे से बचाने के एक अभ्यास के तहत नासा का स्पेसक्राफ्ट मंगलवार की बड़ी सुबह करीब 4:45 बजे डिमोरफोस नाम की उल्का से टकराएगा। इस टक्कर की सफलता बताएगी कि हमारी पृथ्वी भविष्य में ऐस्टरॉइड यानी उल्का पिंडों के हमलों से बच सकेगी या नहीं। धरती को सबसे बड़ा खतरा इन्हीं उल्का पिंडों से है। नासा ने अपने इस मिशन को डार्ट नाम दिया है।
अभी यह चांद डिडिमॉस की जिस तेजी से परिक्रमा करता है, उसमें 1% बदलाव आएगा। डाइमॉरफोस की ऑर्बिट भी कुछ छोटी होगी और यह डिडिमॉस का एक चक्कर लगाने में 10 मिनट कम लेगा। फिलहाल 11 घंटे 55 मिनट में एक चक्कर पूरी करता है।
इस टेस्ट में दिशा का बदलना ही सबसे अहम है, जो उम्मीद दिलाएगा कि आगे हम धरती की ओर बढ़ रहे किसी पिंड की दिशा को किस तरह से बदल सकेंगे।
नासा ने अपने मिशन को डार्ट नाम दिया है। नासा के इस स्पेसक्राफ्ट पर 33 करोड़ डॉलर खर्च हुए हैं। ऐस्टरॉइड डिडिमोस लगभग 780 मीटर चौड़ा है। नासा का स्पेसक्राफ्ट 6.6 किमी/सेकंड की रफ्तार से डिडिमोस ऐस्टरॉइड के चंद्रमा डाइमॉरफोस से टकराएगा। इससे डाइमॉरफोस पर गड्ढा बनेगा और बड़ी एनर्जी निकलेगी।
