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भारतीय हॉकी टीम मेडल से एक कदम दूर!

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1972 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई
क्वार्टर फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराया

प्रहरी संवाददाता, नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। लगभग पांच दशक यानी 49 साल बाद भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्वार्टर फाइनल में भारत ने ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 गोल से हरा दिया। टीम इंडिया के लिए दिलप्रीत सिंह ने 7वें, गुरजंत सिंह ने 16वें और हार्दिक सिंह ने 57वें मिनट में गोल दागा। सेमीफाइनल में अब टीम इंडिया का सामना 3 अगस्त को बेल्जियम से होगा। वहीं, दूसरा सेमीफाइनल इसी दिन ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के बीच खेला जाएगा, जबकि 5 अगस्त को टॉप-2 टीमें फाइनल में भिड़ेंगी।

भारत ने शुरुआत से काउंटर अटैक किया
पहले क्वार्टर में भारतीय टीम ने पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा। मैच के तीसरे मिनट में ग्रेट ब्रिटेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इसे भारतीय डिफेंडरों ने नाकाम कर दिया। इसके बाद 7वें मिनट में सिमरनजीत सिंह के बेहतरीन पास पर दिलप्रीत ने गोल दागा। दूसरे क्वार्टर के पहले मिनट में गुरजंत सिंह ने काउंटर अटैक में बेहतरीन गोल दागा। इस गोल की बदौलत भारत ने दूसरे क्वार्टर में 2-0 की लीड ले थी। हाफ टाइम तक यही स्कोर रहा। तीसरे क्वार्टर में ग्रेट ब्रिटेन ने वापसी की। इस क्वार्टर में 45वें मिनट में सैम वार्ड ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा। इससे स्कोर 2-1 हो गया।

इससे पहले वर्ष 1972 ओलिंपिक में सेमीफाइनल फॉर्मेट में हॉकी खेला गया था। हालांकि वर्ष 1976 में टीम इंडिया नॉकआउट में नहीं पहुंच सकी थी। वर्ष 1980 में भारत ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था, लेकिन उस ओलिंपिक में सेमीफाइनल फॉर्मेट नहीं था। ग्रुप स्टेज के बाद सबसे ज्यादा पॉइंट वाली 2 टीमें सीधे फाइनल खेली थीं। भारत ने 6 टीमों के पूल में दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।


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