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50 साल बाद फिर चांद पर उतरेगा इंसान

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नासा की महत्वाकांक्षी योजना, ओरायन लॉन्च होगा

वॉशिंगटन। पूरे 50 साल बाद अब एक बार फिर से इंसानों को चांद पर पहुंचाने की तैयारी हो रही है। सोमवार (29 अगस्‍त) को इंसानों को चांद पर पहुंचाने के लिए नासा आर्टिमिस मिशन से जुड़ा पहला लॉन्च करेगा। अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित लॉन्च पैड से यह रॉकेट उड़ान भरेगा।

हालांकि नासा के आर्टिमिस-1 में कोई इंसान चांद पर नहीं भेजा जा रहा है। रॉकेट के जरिए ओरायन कैप्सूल (Orion) को पहले भेजा जाएगा, जो एक छह फीट का अंतरिक्ष कैप्सूल है। रॉकेट लॉन्च के लिए दो घंटे का लॉन्च विंडो होगा। लॉन्च होने के बाद ओरायन कैप्सूल चांद की ओर बढ़ेगा।

अंतरिक्ष में कैप्सूल 42 दिन मिशन पर रहेगा और 10 अक्टूबर को धरती पर वापस आ जाएगा। मिशन सफल होते ही यह कैप्सूल इंसानों को एक बार फिर चांद पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। धरती की कक्षा से निकलने के बाद ओरायन का अपना रॉकेट सिस्टम होगा, जिससे वह चांद तक पहुंचेगा।
धरती की कक्षा में प्रवेश करने पर इसकी स्पीड 39,400 किमी प्रति घंटे होगी, जिसे कम करने के लिए 11 पैराशूट का इस्तेमाल होगा। बाद में ओरायन प्रशांत महासागर में लैंड करेगा।

बता दें कि आर्टिमिस मिशन के तहत चांद पर जानेवाले अंतरिक्ष यात्रियों को लंबे समय तक वहां रहना होगा। अंतरिक्ष के बेहद जटिल वातावरण की जांच करने के लिए वैज्ञानिक ओरायन को खाली भेज रहे हैं। यह एक तरह का रिहर्सल है। हालांकि इसमें छह नए किस्म के स्पेससूट होंगे, जिससे रेडिएशन लेवल से सुरक्षित रहने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही एक खिलौना होगा जो जीरो ग्रेविटी को दिखाएगा।

गौरतलब है कि चांद पर पहली बार इंसान लगभग 53 साल पहले गया था। 1969 में नील आर्मस्ट्रांग चांद पर पहुंचने वाले पहले इंसान थे, जबकि 1972 में चांद पर जानेवाले कमांडर यूजीन कर्नन आखिरी इंसान थे। उसके बाद इंसानों के कदम चांद पर फिर नहीं पड़े।


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