पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा- लगता है, जैसे कब्र से ही प्रैंक किया हो
डिजिटल न्यूज डेस्क, गुरदासपुर। गुरदासपुर के एक व्यक्ति पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। दिसंबर में उसकी मौत हो गई, लेकिन जनवरी में हाई कोर्ट में उसकी जमानत याचिका पहुंची, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। हालांकि बाद में कोर्ट में आरोपी का मृत्यु प्रमाण पत्र पेश किया गया, जिस पर कोर्ट ने हैरानी जताई।
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश से जमानत पर चल रहे मृत व्यक्ति की याचिका को आखिरकार गुरुवार को खारिज कर दिया गया। बुधवार को सरकारी वकील ने दिसंबर में जारी मृत्यु प्रमाणपत्र हाई कोर्ट में सौंपा था, जिसके बाद यह खुलासा हुआ था कि केस से जुड़े व्यक्ति को मौत के एक माह बाद जमानत दी गई थी। याची की मौत 27 दिसंबर 2023 को हुई थी, जबकि जमानत याचिका 24 जनवरी 2024 को दायर की गई थी।
इस मामले में गुरुवार को याची के वकील की आयु को देखते हुए हाई कोर्ट ने केवल उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि कब्र से आत्मा को बुलाए बिना भी अदालत किसी के लिए भयावह हो सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है, जैसे मुर्दे ने कब्र से प्रैंक किया हो। अभी भी हंसी पर्याप्त नहीं, तो देखो मुर्दे के हस्ताक्षर भी
