मुंबई। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोविड-19 के कारण साख में आ रही गिरावट अल्पकालिक होगी, लेकिन गतिविधियों के मामले में अधिकांश अर्थव्यवस्थाएं वर्ष 2022 तक महामारी से पहले के स्तर पर नहीं पहुंच सकेंगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले साल 11 मार्च को कोविड-19 को महामारी घोषित किया था। इसके बाद से पूरे साल के दौरान महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में व्यवधान डाला है। इसके साथ ही ऋण में गिरावट और भुगतान में चूक में तेजी आई है।
मूडीज ने कोरोना वायरस पर एक वैश्विक रिपोर्ट में कहा, ‘कोविड-19 से उत्पन्न होने वाली ऋण साख चुनौतियां काफी हद तक हैं, लेकिन इसके अल्पकालिक रहने की संभावना है। जोखिम उन क्षेत्रों के लिए अधिक है, जिनकी सामान्य गतिविधियों पर भी पाबंदियां लगी हुई हैं।’ मूडीज ने कहा किसाल 2022 तक अधिकांश अर्थव्यवस्थाएं महामारी से पहले की गतिविधि के स्तर पर वापस नहीं आ पाएंगी। महामारी के नरम होने के बाद नीतिगत कदमों से आर्थिक गतिविधियों और वित्तीय बाजारों का समर्थन जारी रहेगा। मूडीज को उम्मीद है कि टीकाकरण में वृद्धि होने से इस वर्ष महामारी की व्यापकता और संक्रमण की संख्या धीरे-धीरे कम होगी। यह सरकारों को धीरे-धीरे लॉकडाउन संबंधी उपायों को कम करने की सुविधा देगा।
previous post
next post
