अदालत में दोष स्वीकार किया, 65 हजार रुपये जुर्माना
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराध पर कोर्ट ने कहा—समाज में जाना चाहिए कड़ा निवारक संदेश
✍️ प्रहरी संवाददाता मुंबई | प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़ी साजिश के मामले में पुणे के एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. अदनान अली सरकार को मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर कुल 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सरकार ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार किया था और कहा था कि वह अपने किए पर पछता रहे हैं।
विशेष एनआईए न्यायाधीश अभय ए. जोगलेकर ने दोष स्वीकार करने को स्पष्ट, स्वैच्छिक और परिणामों की पूरी समझ के साथ किया गया निर्णय माना। अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया कि सरकार ने किसी दबाव, धमकी, प्रलोभन या अनुचित प्रभाव में आकर दोष स्वीकार नहीं किया है। उन्हें 27 जुलाई 2023 से हिरासत में बिताई गई अवधि का लाभ भी दिया गया है।
एनआईए के अनुसार, सरकार सहित छह आरोपियों पर ISIS की गतिविधियों को आगे बढ़ाने, संगठन की विचारधारा के प्रचार, नए सदस्यों की भर्ती और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की साजिश में शामिल होने के आरोप थे। जांच में सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप समूहों के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री प्रसारित करने तथा युवाओं को प्रभावित करने के आरोप भी सामने आए। मामले में ISIS से जुड़े प्रचार प्रकाशनों के प्रसार और विदेशी हैंडलर्स से संपर्क के आरोप भी लगाए गए थे।
सरकार को UAPA की धाराओं 13, 18, 20, 38 और 39 तथा IPC की धाराओं 201 और 120-B के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति के हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में समाज तक स्पष्ट निवारक संदेश पहुंचना आवश्यक है। मामले के अन्य पांच आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रहेगी।
