ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

जलयुक्त योजना में भ्रष्टाचार की न्यायिक जांच कराए सरकार: कांग्रेस

Share

नेता प्रतिपक्ष के पद सर फडणवीस के इस्तीफे की मांग

मुंबई। कैग की रिपोर्ट में जलयुक्त शिवार योजना में 10 हजार करोड़ रुपए की अनियमितता होने का निष्कर्ष निकाले जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस पार्टी ने योजना में हुए भ्रष्टाचार की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की गई है। कांग्रेस ने जलयुक्त शिवार योजना को भाजपा सरकार की झोलयुक्त योजना करार दिया।

कैग ने लगाई मोहर

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता सचिन सावंत ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले इस मामले को उजागर किया था। कांग्रेस के आरोपों पर मुहर लगाते हुए कैग ने तत्कालीन फडणवीस सरकार को भ्रष्टाचार के लिए दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि ‘मैं लाभार्थी हूं’ विज्ञापन की लागत भी भाजपा से वसूल करनी चाहिए।

10 हजार करोड़ डूबे

जलयुक्त शिवार योजना पर 10 हजार करोड़ रुपए डूब गए। इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस को नेता प्रतिपक्ष के पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। जलयुक्त शिवार योजना का उद्देश्य बारिश के पानी को गांव के शिवरों तक पहुंचाना, भूजल स्तर में वृद्धि, सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि और पानी के उपयोग की दक्षता में वृद्धि करना था। यह योजना इन सभी उद्देश्यों में विफल रही है।
सावंत ने बताया कि वर्ष 2015 से कांग्रेस पार्टी इस योजना के खिलाफ आवाज उठाती रही है। यह भ्रष्टाचारयुक्त योजना ठेकेदारों के लिए फायदेमंद रही है।

हजारों गांवों का जलस्तर घटा, सरकार ने छिपाया

कांग्रेस नेता ने बताया कि वर्ष 2018 के लिए भूजल सर्वेक्षण और विकास एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 31 हजार 15 गांवों में जल स्तर घट गया था। इसके अलावा 252 तहसीलों के 13 हजार 984 गांवों में भूजल स्तर 1 मीटर से कम था। कांग्रेस पार्टी ने इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए तत्कालीन सरकार को जगाने की कोशिश की थी। लेकिन बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहते हुए तत्कालीन राज्य सरकार की विफलता छुपाने की कोशिश कि 16 हजार गांव सूखामुक्त हो गए हैं और 9 हजार गांव सूखामुक्त होनेवाले हैं। लेकिन आठ दिनों के भीतर इन सभी सूखामुक्त गांवों को तत्कालीन फडणवीस सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित कर दिया। इनमें तत्कालीन जल संरक्षण मंत्री राम शिंदे की तहसील भी थी।

भाजपा ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया

सावंत ने कहा कि राज्य में इस योजना पर हजारों करोड़ खर्च करने के बावजूद टैंकरों की संख्या में वृद्धि जारी रही। मई 2019 में राज्य में 7 हजार से अधिक टैंकर शुरू किए गए थे। टैंकरों की यह रिकॉर्ड संख्या योजना की ऐतिहासिक विफलता का प्रतीक है। बावजूद इसके फडणवीस सरकार भाजपा के करीबियों और ठेकेदारों को बचाने के लिए योजना की प्रशंसा करती रही। मैं लाभार्थी के झूठे विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए बर्बाद किए गए। वे न्यायिक जांच की मांग को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे।

 


Share

Related posts

अब तक 80 हजार मिल मजदूरों की पात्रता तय

samacharprahari

50 लाख मासिक टर्नओवर करने पर एक प्रतिशत जीएसटी का भार

samacharprahari

बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों के चेक पोस्ट पर हमला, 7 सैनिकों की मौत

Prem Chand

महाराष्ट्र में चिट फंड घोटाले में दो गिरफ्तार

samacharprahari

अदानी पर अमेरिका में धोखाधड़ी का केस दर्ज

Prem Chand

अब झुकेगा ‘पुष्पा’: अभिनेता अल्लू अर्जुन पर आचार संहिता के उल्लंघन में केस दर्ज, जानिए क्या है मामला

Prem Chand