✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली | राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधे और तीखे हमले किए। उन्होंने देश में बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी और संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित कब्जे का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने और उन्हें जेल भेजने की खुली चेतावनी दे डाली।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि देश को संवैधानिक पटरी पर वापस लाने का सबसे पहला कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से बेदखल करना है। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाएगा और वह सीधे जेल जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मोदी कहीं नहीं जा सकते, और यदि वे जाना भी चाहें तो विपक्ष उन्हें आसानी से जाने नहीं देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि देश को वास्तविक न्याय मिल सके।
चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच महज तीन प्रतिशत वोटों का फासला था, लेकिन इसके बाद मतदाता सूचियों से करीब 15 प्रतिशत वोटरों के नाम काट दिए गए। उन्होंने इसे नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की लूट और देशद्रोह के समान बताया। साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि संस्थाओं पर कब्जे के बूते देश की पूरी संपत्ति चुनिंदा उद्योगपतियों के हवाले की जा रही है, जिसके खिलाफ युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज दबने नहीं दी जाएगी।
