✍️ प्रहरी संवाददाता मुंबई | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई एयरपोर्ट पर एक वकील को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कथित पैन-इंडिया साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है, जिसमें लगभग 28,000 करोड़ रुपये के लेन-देन का आरोप है।
ईडी के पणजी यूनिट ने रमेश उपाध्याय उर्फ रमेश शाह को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के बोर्डिंग गेट पर रोका। सीमा शुल्क और सीआईएसएफ कर्मियों की मदद से उन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पणजी ले जाया गया और पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 29 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या सात हो गई है।
मामला गोवा पुलिस द्वारा 9 जून 2025 को दर्ज एफआईआर से शुरू हुआ था। गोवा की एक महिला ने आरोप लगाया था कि साइबर धोखेबाजों ने उन्हें 21 मई से 2 जून 2025 के बीच डिजिटल अरेस्ट में रखकर 2.80 करोड़ रुपये कई म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर करवा लिए।
ईडी ने उपाध्याय को इस नेटवर्क का महत्वपूर्ण कड़ी बताया है। एजेंसी का आरोप है कि पुलिस शिकायतों के बाद फ्रीज हुए बैंक खातों को खुलवाने में उन्होंने मदद की। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को रिश्वत दी गई, जो अंगड़िया नाम के कैश नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई।
ईडी के अनुसार उपाध्याय वकील के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद किसी आरोपी या उनकी कंपनियों की तरफ से वकालतनामा दाखिल या पेश नहीं हुए।
गोवा की महिला से लिए गए पैसे करीब 400 म्यूल अकाउंट्स से गुजारे गए। ये अकाउंट कमोडिटी, ट्रैवल और फॉरेक्स कंपनियों से जुड़े थे, जिनमें डमी डायरेक्टर लगाए गए थे। बाद में नकदी निकाली गई और आरबीआई लाइसेंस प्राप्त मनी चेंजर्स के जरिए विदेशी मुद्रा में बदली गई।
ईडी के अनुसार इस नेटवर्क ने लगभग 28,000 करोड़ रुपये के बैंकिंग लेन-देन संभाले और करीब 2,900 करोड़ रुपये नकद जमा किए। 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 300 से अधिक पीड़ितों की शिकायतें और 160 से अधिक एफआईआर में इन अकाउंट्स का जिक्र मिला है। रिपोर्टेड नुकसान 400 करोड़ रुपये से अधिक है।
