डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की 10, कर्नाटक की 4 और हिमाचल प्रदेश की 1 राज्यसभा सीट के लिए मंगलवार (27 फरवरी) को वोटिंग हुई। राज्यसभा की इन 15 सीटों के लिए तीन राज्यों में जमकर क्रॉस वोटिंग हुई है।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 6 विधायकों और 3 निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी के लिए क्रॉस वोटिंग की, जबकि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर INDIA अलायंस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के ‘सियासी ड्रामे’ ने पूरे देश का ध्यान खींचा। यूपी में सत्तारूढ़ बीजेपी ने जहां विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को झटका दिया, तो वहीं, हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस के किले में बीजेपी सेंध लगा कर भारी उलटफेर कर दिया।
संख्या बल में मजबूत होने के बाद भी कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव नहीं जीत सके। सिंघवी ने बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन को जीत की बधाई दी, वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री के पास अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने ऐन मौके पर अंतरात्मा की आवाज सुनकर पाला बदल लिया। पाला बदलने वालों में विधायक राकेश पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी, मनोज पांडेय, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य हैं। इन लोगों की इस मेहरबानी से बीजेपी के आठवें उम्मीदवार को भी जीत मिल गई।
बीजेपी के सात उम्मीदवारों की जीत पहले ही तय मानी जा रही थी। वहीं, समाजवादी पार्टी के तीन में से दो उम्मीदवार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।
जनवरी में 15 राज्यों में 56 सीटों के लिए चुनावों की घोषणा की गई थी। हालांकि, इनमें से चुनाव सिर्फ तीन राज्यों में हुए। 41 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
इन चुनाव के पहले 250 सीटों वाली राज्य सभा में एनडीए के पास 109 सांसद थे. वहीं, विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के पास 89 सांसद थे।
