– लाल सागर में विद्रोही समूहों की ओर से दिया गया हमले का जवाब
डिजिटल न्यूज डेस्क, वॉशिंगटन । अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं ने शनिवार को यमन में हूती नियंत्रित क्षेत्रों पर हमले किए। गठबंधन सेना ने हूतियों के हथियारों के जखीरे के केंद्र, मिसाइल प्रणालियों, वायु रक्षा प्रणालियों और रडार से जुड़े 13 जगहों को निशाना बनाया।
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने यह जानकारी दी। ऑस्टिन ने कहा कि इसमें अमेरिका और ब्रिटेन को ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा, डेनमार्क, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड से भी सहयोग मिला।
उन्होंने कहा, ‘अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं ने यमन में हूती-नियंत्रित क्षेत्रों के खिलाफ फिर से हमले किए। यह सामूहिक कार्रवाई हूती विद्रोहियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि अगर वे अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर अपने अवैध हमलों को नहीं रोकेंगे, तो उन्हें आगे भी इसी तरह परिणाम भुगतने होंगे। हम दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक में जीवन और जहाजों के मुक्त परिवहन की रक्षा करने में नहीं हिचकेंगे।’
ऑस्टिन ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य लाल सागर से वैध तरीके से गुजरने वाले अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर अस्थिर करने के मकसद से किए जा रहे अकारण हमलों को अंजाम देने की ईरान समर्थित हूती मिलिशिया (असैनिक लड़ाकों) की क्षमताओं को रोकना है।
बता दें कि लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और नौसैनिक जहाजों पर पिछले साल नवंबर से हूतियों के 30 से अधिक हमले एक अंतरराष्ट्रीय चुनौती बन गए हैं।
