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फर्जी चेक और हस्ताक्षर से निकाले गए 47 लाख, केस दर्ज

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-शिक्षा विभाग ने गबन के मामले में कराया मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज

-बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने राज्य खेल विकास निधि के बचत खाते में जमा कराई रकम

प्रहरी संवाददाता, मुंबई। फर्जी चेक और हस्ताक्षर की मदद से शिक्षा विभाग के बैंक खाते से 47 लाख रुपये का गबन किया गया। इस मामले में मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।

स्कूली शिक्षा और खेल विभाग ने खुलासा किया है कि पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। विभाग के मुताबिक, जांच में पता चला कि बैंक लेनदेन सीटीएस सिस्टम के माध्यम से यह पाया गया कि संबंधित बैंक के अधिकारियों ने इन जाली चेकों की ठीक से जांच नहीं की। इस संबंध में जिम्मेदारी संबंधित बैंक की है।

हालांकि आरबीआई के दिशानिर्देशों के तहत 10 जाली चेकों के माध्यम से निकाले गए 47 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मंत्रालय शाखा ने 24 अप्रैल 2024 को ही राज्य खेल विकास निधि के बचत खाते में कर दिया है।

बताया जा रहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान मंत्रालय स्कूली शिक्षा व खेल विभाग की राज्य खेल विकास निधि के लिए एक बचत खाता सक्रिय किया गया था। इस बचत खाते से दो अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से युक्त 10 फर्जी चेक के मार्फत 02 मार्च 2024 तक 47,60,000 रुपये की निकासी की गई। यह मामला 04 मार्च 2024 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र मंत्रालय शाखा के अधिकारियों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।

विभाग का कहना है कि इन चेकों की मूल प्रतियां उसके पास ही उपलब्ध है, इसलिए यह स्पष्ट है कि ये चेक फर्जी हैं। साथ ही, इन चेकों की फोटोकॉपी के निरीक्षण पर यह पाया गया कि इन्हें महाराष्ट्र राज्य के बाहर कोलकाता और चेन्नई शहरों में विभिन्न बैंकों में स्थानांतरित किया गया था। इन चेकों पर दो अधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर किए गए थे।


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