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हूती विद्रोहियों का करारा प्रहार: अमेरिकी F-35, F-16 पर मिसाइलों का खतरा

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✍🏻 प्रहरी संवाददाता, नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों ने दुनिया की सबसे ताकतवर अमेरिकी वायुसेना को हिलाकर रख दिया है। हाल ही में यमन में हुए हवाई हमलों के दौरान हूतियों ने अमेरिकी F-35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर और F-16 वाइपर को निशाना बनाने की ऐसी रणनीति अपनाई कि अमेरिकी पायलट दहशत में आ गए। यह घटना तब सामने आई, जब डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक मंच पर अपनी वायुसेना की ताकत का बखान कर रहे थे।

हूतियों का घातक हथियार: थकीब-1 और थकीब-2

द वॉर जोन की एक रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों के पास इन्फ्रारेड गाइडेड R-73 और R-27 मिसाइलों का जखीरा है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर थकीब-1 और थकीब-2 नाम दिया गया है। ये हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें अमेरिकी फाइटर जेट्स के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। इसके अलावा, हूतियों के पास सतह से हवा में मार करने वाली सक्र सीरीज इन्फ्रारेड होमिंग मिसाइलें भी हैं। ये मिसाइलें ऊंचाई पर उड़ने वाले जेट्स को निशाना बनाने में सक्षम हैं। हूतियों ने अमेरिकी और अन्य देशों के ड्रोन्स को मार गिराने के बाद इसके फुटेज भी जारी किए, जिससे उनकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अमेरिकी वायुसेना की रणनीति पर सवाल

हूती विद्रोहियों की इस कार्रवाई ने अमेरिकी वायुसेना की अजेय छवि पर सवाल उठा दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ते और स्थानीय स्तर पर बनाए गए हथियारों से हूती विद्रोहियों ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो महंगे और एडवांस्ड अमेरिकी जेट्स को चुनौती दे रही है। इस घटना ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।

गाजा में इजरायली अभियान: गिदोन चैरियट्स

इधर, इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में ‘गिदोन चैरियट्स’ नाम से एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की है। इसका लक्ष्य हमास को खत्म करना और बंधकों को रिहा कराना है। खान यूनिस और जबालिया जैसे इलाकों में भारी बमबारी के बाद इजरायली सेना ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। इस अभियान में 100 से अधिक लोगों की जान गई है।

ट्रंप का मिडिल ईस्ट दौरा: कोई समझौता नहीं

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट का दौरा किया, जहां उन्होंने गाजा को ‘फ्रीडम जोन’ बनाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को पूरी तरह खत्म करने और गाजा के अधिकांश लोगों को दक्षिणी हिस्से में बसाने की बात दोहराई। गाजा में युद्धविराम को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी।

 

 


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