✍🏻 डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई | फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब महाराष्ट्र के जामिया इस्मालिया इशातुल ऊलूम (JIIU) ट्रस्ट पर अपना शिकंजा कस दिया है। बीजेपी नेता किरीट सोमैया के आरोपों के बाद एजेंसी ने 406 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग से जुड़े आर्थिक अनियमितताओं की जांच शुरू की है। सोमैया ने आरोप लगाया था कि नंदुरबार के अक्कलकुवा में स्थित यह संस्थान भी अल फलाह की तरह संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों में शामिल है।
इसी शिकायत के बाद ईडी ने 1 दिसंबर 2025 को नंदुरबार, मुंबई और राजस्थान के बाड़मेर सहित 12 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। जांच के दौरान 9 लाख रुपये नकद, कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और विदेशी फंडिंग से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ट्रस्ट को कुवैत, बोत्सवाना, यूके, मॉरिशस, स्विट्जरलैंड, सेशेल्स और पनामा सहित कई देशों से करीब 406 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी, जिसमें नकद दान भी शामिल था।
ईडी का संदेह है कि इस फंड का एक हिस्सा उन संस्थाओं को भेजा गया, जो एफसीआरए के तहत पंजीकृत नहीं थीं। यह मामला तब जोर पकड़ गया जब गृह मंत्रालय ने 15 जुलाई 2024 को ट्रस्ट का FCRA लाइसेंस रद्द कर दिया। मंत्रालय की जांच में पाया गया था कि विदेशी दान को गैर-अधिकृत संस्थाओं में स्थानांतरित किया गया था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
एजेंसी ने यमन के नागरिक अल-खदामी खालिद इब्राहिम सालेह, खदेजा इब्राहिम कासिम अल-नशेरी, गुलाम मोहम्मद रंधेरा और अन्य लोगों पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करवाने और विदेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से रुकवाने में भूमिका निभाने का संदेह जताया है। फिलहाल ईडी इस पूरे नेटवर्क की PMLA के तहत गहन जांच कर रही है।
