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एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी और लंबी कतारें
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इंडिगो की सफाई: खराब मौसम और सिस्टम गड़बड़ी जिम्मेदार
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FIP ने उठाए सवाल: “स्टाफ कमी नई नहीं, पुरानी समस्या”
✍🏻 डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई | इंडिगो एयरलाइंस इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट से गुजर रही है। गुरुवार को देशभर में इसकी 200 से अधिक उड़ानें रद्द होने के बाद हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं, जहां यात्री अपनी उड़ानों के बारे में अनिश्चितता में इंतजार करते दिखे। कई यात्रियों ने बताया कि उनकी फ्लाइट्स बिना पूर्व सूचना के अंतिम क्षण में रद्द कर दी गईं। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने एयरलाइन के संचालन पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को बेंगलुरु से 73, दिल्ली से 95, मुंबई से 85, हैदराबाद से 64, अहमदाबाद से 25, इंदौर से 11, सूरत से 8 और कोलकाता से 10 उड़ानें रद्द की गईं। एयरलाइन ने मौसम में उतार-चढ़ाव, सिस्टम फेलियर और स्टाफ संबंधी नई पॉलिसी को वजह बताया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अगले 48 घंटे में स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।
उधर, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने तकनीकी वजहों और स्टाफ की कमी को कारण मानने से इनकार किया है। संगठन का कहना है कि इंडिगो की यह स्थिति उसकी लंबी अवधि की आंतरिक नीतियों का परिणाम है, जिसमें सालों से पर्याप्त पायलट नियुक्त नहीं किए गए। इसी बीच, DGCA के हालिया नियमों ने एयरलाइन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है, जिसके कारण परिचालन क्षमता और प्रभावित हुई है।
उड़ानों में भारी अव्यवस्था के बीच दिल्ली-मुंबई रूट पर किराया 20 हजार रुपये के पार पहुंच गया है।
DGCA के नए नियमों में क्या बदला?
- DGCA के नियम में मुताबिक, अब पायलट को हफ्ते में 48 घंटे का आराम दिया जाएगा. जो कि पहले 36 घंटे हुआ करता था। इससे शिफ्ट और स्टाफ की कमी हो रही है।
- नए नियमों के मुताबिक, अब पायलटों की हेल्थ रिपोर्ट को भी मेंटेन करना होगा। इसके साथ ही हर तीन महीने में बताना होगा कि पायलटों ने थकान की शिकायत की या नहीं।
- एयरलाइन को हर 3 महीनों में बताना होगा कि पायलट की थकान दूर करने के लिए एयरलाइन की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं।
