बीजिंग, एजेंसी। लद्दाख में 20 भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या के बाद अब चीन ने हाइड्रोजन बम से उड़ाने की धमकी दी है। चीन ने परमाणु अटैक करने का डर दिखाना शुरू कर दिया है। चीन के सरकारी समाचार पत्र ने हाइड्रोजन बम के परीक्षण का वीडियो पोस्ट किया है।
1967 में हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया
चीनी अखबार ने दावा किया कि वर्ष 1967 में ये हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया गया है। यह बम आत्मरक्षा के लिए हैं और उनका देश परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करने के सिद्धांत पर कायम है। चीन के सरकारी अखबार ने हाइड्रोजन बम के परीक्षण का वीडियो ऐसे समय पर पोस्ट किया है, जब भारत और अमेरिका के साथ उसका तनाव चरम पर है। इस पोस्ट के जरिए चीन ने भारत और अमेरिका को भी खुलेआम धमकी दी है कि वह जरूरत पड़ने पर हाइड्रोजन बम का प्रयोग कर सकता है।
सुपर पावर बनने की महत्वाकांक्षा
परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों का सार्वजनिक तौर पर खुलकर प्रदर्शन कर रहा है। चीन अपनी न्यूक्लियर पावर को बढ़ा रहा है। जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हथियारों को दागी जाने वाली नई मिसाइलें बनाई हैं। परमाणु हथियार ले जाने वाला एयरक्राफ्ट भी बनाया है। दुनिया में सुपर पावर बनने की महत्वाकांक्षा रखने वाला चीनी ड्रैगन अब बहुत तेजी से अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। हालांकि चीन अपने परमाणु हथियारों के विकास के बारे में बहुत कम जानकारी साझा करता है।
चीन के पास हैं 320 परमाणु हथियार
भारत और चीन दोनों ने ही पिछले साल अपने परमाणु हथियारों के जखीरे में इजाफा किया है। भारत के पास 150 और चीन के पास 320 परमाणु हथियार हैं। चीन ने पिछले एक साल में 30 परमाणु हथियार बढ़ाए हैं, वहीं भारत ने 10 एटम बम। पाकिस्तान भी परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। पाकिस्तान के पास कुल 160 परमाणु हथियार हैं।
