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ईरान युद्ध की आग में झुलसा अमेरिकी हाउसिंग सेक्टर

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होमबिल्डर सेंटीमेंट 7 महीने के निचले स्तर पर
बेतहाशा बढ़ी निर्माण लागत

✍️ प्रहरी संवाददाता मुंबई / नई दिल्ली / वाशिंगटन |   पश्चिमी एशिया में ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध ने अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभ ‘हाउसिंग मार्केट’ की नींव हिला दी है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ होम बिल्डर्स (NAHB)/वेल्स फारगो इंडेक्स के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में होमबिल्डर सेंटीमेंट गिरकर 34 अंकों पर आ गया है, जो सितंबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। लगातार 24 महीनों से यह सूचकांक 50 अंकों के ‘ब्रेक-ईवन’ पॉइंट से नीचे बना हुआ है, जो अमेरिकी रियल एस्टेट बाजार में गहरी निराशा और अनिश्चितता का साफ संकेत है।

अर्थशास्त्रियों ने इस महीने इंडेक्स के 37 पर रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन युद्ध के कारण उपजे हालात ने इन उम्मीदों को ध्वस्त कर दिया है। इस भारी गिरावट के पीछे ईरान युद्ध के चलते वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में आया 35% का उछाल और बढ़ती महंगाई सबसे बड़ा कारण है।

NAHB के चेयरमैन बिल ओवेन्स के मुताबिक, साल की शुरुआत में जिस ग्रोथ की उम्मीद थी, उसे युद्ध, भारी ऊर्जा लागत और उपभोक्ता विश्वास में आई कमी ने पूरी तरह रोक दिया है। मध्य पूर्व के इस संघर्ष ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को भी बढ़ा दिया है, जिसके चलते मॉर्गेज रेट्स (होम लोन की दरें) एक बार फिर आसमान छूने लगी हैं। इससे वे खरीदार बाजार से बाहर हो गए हैं, जो साल की शुरुआत में कम ब्याज दरों की उम्मीद में घर खरीदने की योजना बना रहे थे।

बिल्डरों के सामने केवल मांग की कमी ही नहीं, बल्कि निर्माण लागत का एक बड़ा पहाड़ भी खड़ा है। मुख्य अर्थशास्त्री रॉबर्ट डिट्ज़ ने खुलासा किया है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण 62% बिल्डरों को निर्माण सामग्री के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। आवासीय निर्माण लागत में ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब 4% है, जिससे घर की कीमतें तय करना बिल्डरों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

स्थिति तब और गंभीर हो गई है जब इस महंगाई में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित निर्माण सामग्री और उपकरणों पर लगाए गए भारी टैरिफ (Tariffs) और बड़े पैमाने पर प्रवासियों के निर्वासन (Mass Deportations) के कारण पैदा हुई लेबर शॉर्टेज ने आग में घी डालने का काम किया है।

लागत के इस बेतहाशा दबाव के कारण अब बिल्डरों ने ग्राहकों को दी जाने वाली छूट और इंसेंटिव्स से भी हाथ खींचना शुरू कर दिया है। मार्च की तुलना में अप्रैल में सेल्स इंसेंटिव देने वाले बिल्डरों की संख्या 64% से घटकर 60% रह गई है। भविष्य की बिक्री को लेकर बिल्डरों का भरोसा सात अंक गिरकर 42 पर आ गया है, जबकि ग्राहकों की आवाजाही (Buyer Traffic) का ग्राफ भी महज 22 अंकों पर सिमट गया है।


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