ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

मध्यस्थता कार्यवाही में नए पक्ष को शामिल करने के आदेश के खिलाफ अपील संभव नहीं: बॉम्बे हाई कोर्ट

Share

✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई | बॉम्बे हाई कोर्ट ने मध्यस्थता विवादों के त्वरित निपटारे को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई मध्यस्थता न्यायाधिकरण (आर्बिटल ट्रिब्यूनल) किसी नए पक्ष को मामले में शामिल करने (इंप्लीडमेंट) का आदेश देता है, तो इसे मध्यस्थता अधिनियम की धारा 37 के तहत अपील के जरिए चुनौती नहीं दी जा सकती। कोर्ट के अनुसार, ऐसा आदेश एक “प्रक्रियात्मक” कदम है, न कि कोई ठोस अंतरिम राहत।
यह फैसला एक लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) के भागीदारों के बीच जारी वर्चस्व की लड़ाई के दौरान आया। न्यायाधिकरण ने विवाद के पूर्ण समाधान के लिए एक भागीदार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट के ट्रस्टियों को पक्षकार बनाने की अनुमति दी थी, जिसे दूसरे पक्ष ने चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेशन की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल धारा 17 (अंतरिम उपाय) का हवाला देने भर से कोई प्रक्रियात्मक आदेश अपील के योग्य नहीं हो जाता। कोर्ट ने न्यायाधिकरण के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह कदम न्याय के सिद्धांतों और विवाद के प्रभावी निपटारे के लिए आवश्यक था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट बनने के बावजूद मूल भागीदार कानूनी रूप से मालिक बना रहता है।


Share

Related posts

तेजिंदर बग्गा के खिलाफ मोहाली कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट

Prem Chand

एजीआर बकाये को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र का स्पष्टीकरण

samacharprahari

एनएसई के कामकाज पर चुप क्यों हैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री: कांग्रेस

Girish Chandra

आईपीओ न मिलने पर अब चार दिन में मिलेगी रकम

samacharprahari

सोशल मीडिया पर दोस्ती, लगाई करोड़ों की चपत

Prem Chand

राजा भैया ने सपा नेता के खिलाफ मुकदमा वापस लिया

Prem Chand