ताज़ा खबर
Politics

यूपी मदरसा कानून रद्द करने का फैसला पांच नवंबर को

Share

नयी दिल्ली, ०४ नवंबर । उच्चतम न्यायालय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पांच नवंबर को फैसला सुना सकता है, जिसके तहत मदरसों पर उत्तर प्रदेश के वर्ष 2004 के कानून को असंवैधानिक करार दिया गया था। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ दायर अंजुम कादरी की मुख्य याचिका सहित आठ याचिकाओं पर अपना फैसला 22 अक्टूबर को सुरक्षित रख लिया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 22 मार्च को ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम-2004’ को धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाला बताते हुए उसे “असंवैधानिक” करार दिया था। उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य के विभिन्न मदरसों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में शामिल करने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम-2004’ को रद्द करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर पांच अप्रैल को अंतरिम रोक लगाकर करीब 17 लाख मदरसा छात्रों को राहत दी थी।


Share

Related posts

तलोजा जेल के ‘अंडा सेल’ में कैद हैं नवलखा

samacharprahari

ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र पर भीषण हमला; अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य तैनाती, छिड़ सकता है महायुद्ध

samacharprahari

COVID 19: Fashion icon Donatella Versace donates 200,000 Euros to Italy hospital fighting coronavirus

Admin

शिवसेना और NCP चुनाव चिन्ह विवाद की अंतिम सुनवाई 21 जनवरी को करेगी सुप्रीम कोर्ट

samacharprahari

पश्चिम रेलवे ने ओलंपिक चैंपियन्स का सत्कार किया, रैंक में पदोन्नति दी

samacharprahari

2015 से पांच साल में 2,264 बार चीनी घुसपैठ

samacharprahari