दिल्ली से शिमला तक छापेमारी कर 3 आतंकी साजिशकर्ता गिरफ्तार; 8 दिन की रिमांड
✍️ प्रहरी विशेष संवाददाता, नई दिल्ली / शिमला | हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में नए साल के पहले दिन हुए सनसनीखेज आईईडी (IED) धमाके की गुत्थी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सुलझा लिया है। एनआईए ने आतंकी साजिश की कड़ियों को जोड़ते हुए इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणि के रूप में हुई है। नालागढ़ थाने को दहलाने की इस आतंकी साजिश में एनआईए द्वारा की गई यह पहली औपचारिक और बड़ी गिरफ्तारी है।
बता दें कि यह खौफनाक वारदात 1 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर हुई थी, जब नालागढ़ थाने के भीतर एक शक्तिशाली आईईडी ब्लास्ट किया गया था। धमाके के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और थाने की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। मामले की गंभीरता और सीमा पार से जुड़े संभावित आतंकी नेटवर्क को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर एनआईए ने इसकी जांच अपने हाथ में ले ली थी।
स्थानीय पुलिस स्टेशन नालागढ़ में दर्ज मूल एफआईआर (संख्या 02/2026) के आधार पर एनआईए ने 8 मई 2026 को दिल्ली मुख्यालय में नया केस (RC-27/2026/NIA/DLI) दर्ज किया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की सख्त आतंकी और राष्ट्रविरोधी धाराओं के तहत जांच शुरू की गई थी।
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को शिमला स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और विस्फोटक की बरामदगी व साजिश की तह तक जाने के लिए महावीर कुमार उर्फ काका और अजय मेहरा को आठ दिन की एनआईए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है, जबकि तीसरे आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ मणि को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
