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शहरी भारत में सिस्टम फेल! राहुल गांधी ने दिखाया दिल्ली का सच
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‘TINA: There Is No Accountability’- राहुल गांधी का सरकार पर सीधा वार
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दिल्ली से नोएडा तक अव्यवस्था पर राहुल गांधी का प्रहार, वीडियो जारी
✍️ डिजिटल न्यूज़ डेस्क, दिल्ली | लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश के शहरी शासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भारत की शहरों और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को “लालच की महामारी” ने जकड़ लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नागरिक चुप रहे, तो हालात और बदतर होंगे। उनका कहना है कि जवाबदेही की मांग अब टाली नहीं जा सकती, क्योंकि सिस्टम की नाकामी आम लोगों के जीवन को असहनीय बना चुकी है।
हर आम भारतीय की ज़िंदगी आज ऐसी ही नर्क की यातना बन गई है।
सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है। सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं।
देश में लालच की महामारी फैल चुकी है, शहरी सड़न जिसका सबसे डरावना चेहरा है।
हमारा समाज इसलिए मर रहा है क्योंकि हमने इस सड़न… pic.twitter.com/qtDGEg3C7a
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 21, 2026
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा एक वीडियो के साथ गांधी ने दिल्ली के एक रिहायशी इलाके में सीवर ओवरफ्लो से भरे घरों और गलियों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने कहा कि ऐसे दृश्य अब अपवाद नहीं रहे, बल्कि उस हकीकत का आईना हैं, जिसमें नागरिकों को जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। गांधी के मुताबिक, बुनियादी सेवाओं का ढहना और जवाबदेही का अभाव शहरी जीवन को हर दिन और कठिन बना रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की सेवा के लिए बने संस्थान सत्ता के साथ खड़े हो गए हैं- जहां अफसर एक-दूसरे को शाबाशी देते हैं और नागरिक समस्याओं में डूबते रहते हैं।
ओवरफ्लो नालियां, असुरक्षित सड़कें और बेतरतीब निर्माण
गांधी ने इन बुनियादी समस्याओं को प्रशासनिक और नैतिक गिरावट का सबसे डरावना प्रतीक बताया। उनका कहना है कि समाज ने इस क्षय को ‘रूटीन’ मान लिया है, जिससे पीड़ा के प्रति संवेदनहीनता बढ़ी है।
“TINA—There Is No Accountability” हैशटैग के जरिए गांधी ने आगाह किया कि यदि सरकार से सवाल नहीं पूछे गए, तो लापरवाही का असर हर घर तक पहुंचेगा। उन्होंने हाल ही में नोएडा में एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि मुनाफे को मानव सुरक्षा से ऊपर रखने वाली व्यवस्था का नतीजा है। गांधी के अनुसार, शहरी भारत को बचाने का एकमात्र रास्ता राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही है।
