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लोकसभा चुनाव के बीच आई ‘हिंदू-मुस्लिम’ आबादी वाली रिपोर्ट, क्या हैं सियासी मायने?

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डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) के बीच देश में हिंदू और मुस्लिम आबादी को लेकर जारी एक रिसर्च रिपोर्ट पर नई बहस शुरू हो गई है। इस रिपोर्ट में साल 1950 से लेकर 2015 यानी 60 साल तक के डेटा का एनालिसिस किया गया है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 1950 से लेकर वर्ष 2015 तक हिंदुओं की आबादी में 7.8% की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में मुस्लिम की आबादी में 43.15% का इजाफा हुआ है।

रिपोर्ट पर राजनीति शुरू, किसने क्या कहा?

लोकसभा चुनाव के बीच EAC-PM की आबादी रिपोर्ट को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। इस रिपोर्ट को लेकर बीजेपी का कहना है इस स्थिति से निपटने के लिए सॉलिड पॉलिसी बनानी होगी। हमें समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) की जरूरत है।

इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस का तर्क है कि बीजेपी चुनाव के समय असली मुद्दों से बचना चाहती है। इसलिए आबादी को मुद्दा बना रही है।

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का कहना है, “बीजेपी को हिंदू-मुस्लिम करने के बजाय चुनाव के समय असली मुद्दों पर बात करनी चाहिए। हमें उन मुद्दों पर बात करनी चाहिए, जो लोगों के जीवन से जुड़े हैं। बीजेपी अपने हिसाब से मुद्दे बनाती है।” AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इसे वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट करार दिया।

 

किसने तैयार की रिपोर्ट?

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) ने रिलीजियस माइनॉरिटीज: अ क्रॉस-कंट्री एनालिसिस (1950-2015) रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले फैक्ट सामने रखे हैं। इस रिपोर्ट को इकोनॉमिस्ट शमिका रवि, अब्राहम जोस और अपूर्व कुमार मिश्रा ने तैयार किया है।

शमिका रवि कहती हैं, “ये रिपोर्ट इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि हमारे साउथ ईस्ट देशों को देखें, तो भारत का अनुभव काफी अलग रहा। बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और भूटान में अल्पसंख्यक आबादी काफी कम हुई है, लेकिन भारत में अल्पसंख्यक आबादी बढ़ी है। यही मुख्य निष्कर्ष है।”

 

इस रिपोर्ट में 167 देशों का धार्मिक आधार पर सर्वे है। इनमें 23 देश ऐसे हैं, जहां बहुसंख्यक आबादी कम हुई है। रिपोर्ट में कहा गया कि जिन 123 देशों में बहुसंख्यक आबादी कम हुई है, वहां पर अल्पसंख्यक आबादी बढ़ी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 44 देश ऐसे हैं, जहां पर बहुसंख्यक आबादी बढ़ी है और अल्पसंख्यक आबादी कम हुई है। इसमें 25 देश मुस्लिम राष्ट्र हैं। इन 25 देशों में बहुसंख्यक आबादी बढ़ी और अल्पसंख्यक आबादी घटी है।

रिपोर्ट के खास पॉइंट-

सर्वे के मुताबिक, वर्ष 1950 में मुस्लिम आबादी 9.84% थी, जो वर्ष 2015 में बढ़कर 14.09% हो गई है। वहीं, इस दौरान हिंदुओं की आबादी 84.68% से घटकर 78.06% हो गई है।
इसी तरह, इन 6 दशकों में ईसाइयों की तादाद 2.24% से बढ़कर 2.36% हो गई है, जबकि सिखों की आबादी 1.24% से बढ़कर 1.85% हो गई है। बौद्ध आबादी में भी 0.05% से 0.81% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

 


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