डिजिटल न्यूज डेस्क, इंफाल। मणिपुर के जिरीबाम ज़िले में सोमवार को केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ हुई एक मुठभेड़ में 10 संदिग्ध चरमपंथियों की मौत हुई थी, जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
जानकारी मिली है कि बोरोबेकरा थाना क्षेत्र के जकुराडोर करोंग इलाके में कुछ संदिग्ध हथियारबंद चरमपंथियों ने गांव में खाली पड़ी कई दुकानों और घरों में आग लगा दी थी। इस गांव में ज़्यादातर मैतेई समुदाय के लोग रहते हैं। उस इलाके में स्थित सीआरपीएफ के एक कैंप को जब चरमपंथियों ने निशाना बनाने की कोशिश की, तो दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई।
दरअसल बीते गुरुवार को जिरीबाम जिले में कुकी कबीले की एक 31 साल की आदिवासी महिला की हथियारबंद चरमपंथियों के हमले में मौत हो गई थी। उस घटना के बाद से इलाके में हिंसा और तनाव का माहौल बना हुआ है।
मणिपुर पुलिस ने इस घटना पर एक बयान जारी किया है। उसके अनुसार, “हथियारबंद चरमपंथियों ने जिरीबाम जिले के जकुराडोर इलाके में स्थित सीआरपीएफ के एक पोस्ट पर हमला कर दिया। बचाव में सुरक्षाबलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक जवान संजीव कुमार को गोली लगी है। फिलहाल उन्हें असम के सिलचर स्थित मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है।”
मणिपुर पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि 40 से 45 मिनट की फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया था। इसके बाद जब इलाके में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया, तो 10 चरमपंथियों के शव बरामद किए गए। इस दौरान घटनास्थल से सुरक्षाबलों ने भारी तादाद में हथियार और गोला बारूद बरामद किया है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मुठभेड़ में मारे गए युवक कुकी समुदाय के चरमपंथी हैं जबकि कुकी जनजाति के सबसे बड़े संगठन कुकी-ज़ो काउंसिल ने इन लोगों को लोकल वॉलंटियर बताया है।
