प्रहरी संवाददाता, मुंबई। शेयर बाजार में दैनिक आधार पर शेयरों की खरीद-बिक्री (इंट्रा-डे) करने वाले शादी-शुदा कारोबारी अविवाहित कारोबारियों की तुलना में कहीं बेहतर नतीजे हासिल करने में सफल रहे हैं। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ‘इंट्रा-डे’ कारोबारियों के बीच कराए गए एक अध्ययन में यह खुलासा किया है।
इस अध्ययन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19, वित्त वर्ष 2021-22 और वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान अविवाहित कारोबारियों के मुकाबले विवाहित कारोबारियों ने ‘इंट्रा-डे’ सौदों में कम नुकसान उठाया है।
रिसर्च में यह भी पाया गया कि ‘इंट्रा-डे’ कारोबार के मामले में महिलाएं, पुरुष कारोबारियों के मुकाबले अधिक मुनाफा कमाने में सफल रही हैं। यह दिलचस्प विश्लेषण इक्विटी कैश सेगमेंट में ‘इंट्रा-डे’ ट्रेडिंग को लेकर किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘तीनों वर्षों में महिला कारोबारियों के समूह में लाभ कमाने वालों का अनुपात पुरुष कारोबारियों के समूह की तुलना में अधिक था।’ वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 75 प्रतिशत अविवाहित कारोबारी घाटे में रहे, जबकि घाटे में रहने वाले विवाहित कारोबारियों की संख्या 67 प्रतिशत थी।
इसके अतिरिक्त, विवाहित कारोबारियों ने कहीं अधिक संख्या में सौदे भी किए। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक ‘इंट्रा-डे’ कारोबार वाले पुरुष कारोबारियों को औसतन 38,570 रुपये का घाटा हुआ, जबकि इस दौरान महिला कारोबारियों को औसतन 22,153 रुपये का घाटा हुआ।
‘इंट्रा-डे’ सौदे करने वाले कारोबारियों के बीच महिलाओं का अनुपात वित्त वर्ष 2018-19 के 20 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2022-23 में 16 प्रतिशत रह गया। वित्त वर्ष 2022-23 में इक्विटी नकदी खंड में 10 में से सात ‘इंट्रा-डे’ कारोबारियों को घाटा हुआ था।
