मुंबई, 4 जनवरी 2023 । एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी वकील सुरेंद्र गाडलिंग तकनीकी आधार पर जमानत पाने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे। न्यायमूर्ति ए. एस. गडकरी और न्यायमूर्ति पी.डी. नाइक की खंड पीठ ने एनआईए से गाडलिंग की अर्जी पर जवाब देने को कहा।
एनआईए की विशेष अदालत द्वारा जून 2022 में जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद गाडलिंग अधिवक्ता यशोदीप देशमुख के माध्यम से हाई कोर्ट पहुंचे। गाडलिंग ने सबसे पहले 2018 में तकनीकी आधार पर पुणे की सत्र अदालत में जमानत अर्जी दी थी। उस दौरान पुणे पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। अर्जी में कहा गया है कि आरोप पत्र दाखिल करने के लिए सत्र अदालत द्वारा पुलिस को दिया गया 90 दिनों का समय विस्तार ‘गैर-कानूनी’ है, इसलिए आरोपी को अपराध प्रक्रिया संहिता के तहत जमानत पाने का अधिकार है।
