उत्तर प्रदेश में निर्दलीयों की गिरफ्तारी ओर बड़े दलों के साथ रहने वाले मौज में हैं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश (यूपी) में पिछले साढ़े चार साल के दरान 139 बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया गया है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ एनकाउंटर के इन आंकड़ों को कानून व्यवस्था से जोड़कर अपनी सरकार की पीठ थपथपाते रहे हैं। सीएम आदित्यनाथ का कहना है कि अपराधी सिर्फ अपराधी होता है, उसका कोई धर्म नहीं होता, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश में निर्दलीयों की गिरफ्तारी हो रही है, तो वहीं बड़े दलों के साथ रहने वाले मौज में हैं। पॉलिटिकल कनेक्शन न होने पर सीधे एनकाउंटर कर दिए जाने के आरोप हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सीएम आदित्यनाथ की पीठ थपथपाते रहते हैं। लेकिन, विपक्ष का कहना है कि जो सत्ता दल के विरोधी हैं, उन पार्टियों के खिलाफ राज्य की योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है, लेकिन जिन माफिया की राजनीतिक पैठ है या सत्ता दल के करीब हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।
पॉलिटिकल कनेक्शन वाले माफिया पर पुलिस मेहरबान
राज्य सरकार का दावा है कि सभी अपराधी छवि के नेताओं और माफिया पर कड़ी कार्रवाई हुई है, लेकिन आरोप लगाया जा रहा है कि जो अपराधी व माफिया राजनीतिक दलों के साथ होते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। वे जेल से बाहर हैं और पूरी तरह से सक्रिय हैं। ऐसे लोगों पर सरकार की नजर नहीं गई है, इसलिए पुलिस प्रशासन भी मेहरबान है।
माफिया की 15 अरब की संपत्ति जब्त
आंकड़ों के मुताबिक, योगी सरकार के कार्यकाल में एनकाउंटर में 139 अपराधी मारे गए हैं, जबकि 2,196 अपराधी घायल हुए हैं। इस दौरान 13 पुलिसकर्मियों की भी मौत हुई है, जबकि 1,122 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। राज्य के 111 अपराधियों पर इनाम घोषित किया गया था। साढ़े चार साल के कार्यकाल में अपराधी छवि और माफिया की 15 अरब 74 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। पिछले 2 साल में ही 13 अरब 22 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
