ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

मुख्यमंत्री ने आंखे मूंद रखी हैं, कानून व्यवस्था को भगवान भरोसे छोड़ा: अखिलेश यादव

Share

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- आदित्य नाथ को लोकभवन की गद्दी छोड़कर अब अपनी पुरानी गद्दी जाकर संभालनी चाहिए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री ने अपनी आंखे मूंद रखी हैं और कानून व्यवस्था को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया है। हालात बताते हैं कि पुलिस अपराधियों के हौसले बढ़ा ज्यादा रही है, तोड़ बहुत कम रही है। सूबे में लूट, डकैती व अपहरण के साथ ही महिला अत्याचार की बढ़ती घटनाएं कानून व्यवस्था की पोल खोल दी रही हैं। सूबे के मुखिया आदित्य नाथ को लोकभवन की गद्दी छोड़कर अब अपनी पुरानी गद्दी जाकर संभालनी चाहिए।

जुमलेबाजी में गुजर गए साढ़े तीन साल
पूर्व सीएम ने कहा कि साढ़े तीन साल भाजपा सरकार ने बिना कुछ किए सिर्फ जुमलेबाजी में निकाल दिए हैं। बड़े-बड़े सपने दिखाकर लोगों को खूब बहकाया, लेकिन अब सूबे की जनता भाजपा की सच्चाई, कथनी करनी के बीच उसके अंतर को समझ गए हैं। कहते हैं काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती है। अच्छा होगा मुख्यमंत्री लोकभवन की गद्दी छोड़कर अपनी पुरानी गद्दी जाकर संभाल लें। इसी में विकास से दूर हो रहे प्रदेश और अपराधों की दहशत में जी रही जनता की भलाई है।

अपराधी ढीठ हो गए
अखिलेश यादव ने कहा कि हर शहर, कस्बे व गांव में कानून व्यवस्था सत्ता संरक्षित अपराधियों द्वारा रौंदी जा रही है। अलीगढ़ में एक महिला ने एफआईआर लिखाई तो भाजपा नेता ही उसके विरोध में थाने पर प्रदर्शन करने लगे। इससे अपराधी इतने ढीठ हो गए हैं कि भाजपा नेताओं पर भी हाथ साफ कर रहे हैं। लखनऊ में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के घर पर हमला हुआ और वाहन तोड़ दिया गया। बांदा में भाजयुमो मण्डल अध्यक्ष के घर से चोर नकदी जेवर ले गए। कुछ को पुलिस ने अपने तरीके से हद में रहने का पाठ पढ़ा दिया। रोज हत्याएं, लूट और बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश महिलाओं के लिए सर्वाधिक असुरक्षित राज्य बन गया है।

भ्रष्टाचार के खुले आरोप
उन्होंने कहा कि भाजपा के रामराज में खुद पुलिस पर और जिलाधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप उनके अधीनस्थ खुले आम लगाने लगे हैं। एक पूर्व डीजीपी द्वारा पैसे लेकर मलाई वाले थाने बांटने का खुलासा हुआ है। मुगलसराय कोतवाली पुलिस पर हर महीने 35 लाख रुपये की वसूली का आरोप है, जिसकी सूची खुद एक आईपीएस अफसर ने डीजीपी को दी है। प्रतापगढ़ में एडिशनल एसडीएम-2 ने तो डीएम, एडीएम पर भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी के आवास पर धरना भी दे दिया।

अपराधों पर नियंत्रण नहीं
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में पुलिस-माफिया और नेता का एक ऐसा संगठित गिरोह बन गया है, जिससे अवैध गतिविधियों को संरक्षण मिल जाता है और इसका विरोध करने वाले को ही मुसीबत झेलनी पड़ जाती है। अपराधी बेखौफ अवैध खनन कराते है, पेड़ों की कटाई कराते है, सचिवालय में बैठकर ठगी का धंधा चलाते हैं। यह सब देखकर भी अनदेखी की जा रही है। नतीजा यह है कि अपराधों पर प्रदेश सरकार का नियंत्रण नहीं है।

 


Share

Related posts

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को अवमानना का दोषी ठहराया

samacharprahari

‘प्रेमचंद की परंपरा’ पर फातिहा न पढ़ें’

samacharprahari

ढाई साल में क्यों नहीं याद आया हिंदुत्व : शरद पवार

samacharprahari

मोदी के पहले कार्यकाल में राजद्रोह के 326 मामले दर्ज किए गए : कांग्रेस

Vinay

वरवर राव को 25 सितंबर तक आत्मसमर्पण की जरूरत नहीं : अदालत

Amit Kumar

ये जो खबरें हैं ना…. 7

samacharprahari