ताज़ा खबर
Top 10दुनियाभारत

मुंबई हमले के आरोपी राणा की जमानत याचिका खारिज

Share

वाशिंगटन। अमेरिका की एक अदालत ने वर्ष 2008 मुंबई आतंकवादी हमलों में संलिप्तता के लिए भारत द्वारा भगोड़ा करार दिए गए पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। 28 अप्रैल 2020 को लॉस एंजिलिस में टर्मिनल आइलैंड में कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया, लेकिन उसमें लक्षण नहीं थे और अब स्वस्थ है।

डेविड कोलमैन हेडली के बचपन के दोस्त राणा (59 वर्ष) को 2008 मुंबई आतंकवादी हमलों के मामले में शामिल होने के लिए भारत के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर लॉस एंजिलिस में 10 जून को फिर से गिरफ्तार किया गया था। इस हमले में छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए थे। वह भारत में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है।

लॉस एंजिलिस में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की न्यायाधीश जैकलीन चूलजियान ने 21 जुलाई को अपने 24 पृष्ठों के आदेश में राणा को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उसके फरार होने का खतरा है। अमेरिका सरकार ने यह दलील देते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का विरोध किया कि अगर वह कनाडा भाग जाता है तो उसके भारत में मौत की सजा से बचने की आशंका है।

अमेरिका के सहायक अटॉर्नी जॉन जे लुलेजियान ने अदालत में कहा, ‘‘किसी भी मुचलके पर जमानत देने से अदालत में राणा की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की जा सकेगी। उसे जमानत देने से अमेरिका को अपने विदेश मामलों में शर्मिंदा होना पड़ सकता है और उसके भारत के साथ रिश्ते तनावपूर्ण हो सकते हैं।’’

वहीं, राणा के वकील ने कहा कि 26/11 के आरोपी के फरार होने का खतरा नहीं है और उन्होंने उसे जमानत पर रिहा करने के लिए 15 लाख डॉलर का मुचलका भरने का प्रस्ताव रखा। राणा ने अपने बचाव में कहा कि अमेरिका का सह-आरोपी हेडली को भारत प्रत्यर्पित न करने का फैसला असंगत है और यह उसके प्रत्यर्पण पर रोक लगाता है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार राणा कनाडा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड में भी रहता है और सात भाषाएं बोलता है।

बता दें कि अदालत के दस्तावेजों के अनुसार राणा 28 अप्रैल 2020 को लॉस एंजिलिस में टर्मिनल आइलैंड में कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया, लेकिन उसमें लक्षण नहीं थे और अब स्वस्थ है। संघीय अभियोजकों के मुताबिक 2006 से नवंबर 2008 के बीच राणा ने ‘दाउद गिलानी’ के नाम से पहचाने जाने वाले हेडली और पाकिस्तान में कुछ अन्य के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा तथा हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी को मुंबई में आतंकी हमलों की साजिश रचने तथा हमलों को अंजाम देने में मदद की।

पाकिस्तानी-अमेरिकी हेडली लश्कर का आतंकवादी है। वह 2008 के मुंबई हमलों के मामले में सरकारी गवाह बन गया है। वह हमले में भूमिका के लिए अमेरिका में 35 साल की जेल की सजा काट रहा है।


Share

Related posts

एक अंडा करी और 5 अप्पम का बिल देख भड़के विधायक जी, कर दी शिकायत

Prem Chand

किसानों से 208 करोड़ रुपये वसूलेगी सरकार

samacharprahari

वरवर राव को 25 सितंबर तक आत्मसमर्पण की जरूरत नहीं : अदालत

Amit Kumar

नामांकन के बाद फडणवीस ने कहा- महायुति की 278 सीटों पर उम्मीदवार तय

Prem Chand

रिकॉर्ड ऊंचाई पर गोल्ड, चांदी की चमक भी बढ़ी

samacharprahari

एलन मस्क ने कहा- पूरी हो सकती है डील, बस मान ले शर्त

samacharprahari