मुंबई। मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ वसूली रोधी प्रकोष्ठ में रंगदारी के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराने वाले कारोबारी और उसके परिवार के दो सदस्यों से सख्त मकोका की धाराएं हटा ली गई हैं। कारोबारी से मकोका हटाया जाना क्राइम ब्रांच के लिए झटका माना जा रहा है।
बता दें कि पिछले दिनों कारोबारी हेमंत बैंकर ने मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय पांडे से मुलाकात की थी। उन्होंने उसके मामले को एसीपी (अपराध) को स्थानांतरित कर दिया था। क्राइम ब्रांच ने बैंकर का बयान दर्ज किया था। जांच के दौरान बैंकर का संबंध अंडरवर्ल्ड से नहीं पाया गया, जिसके बाद मकोका हटाया गया।
बैंकर ने बिल्डर, मुंबई पुलिस के दो अधिकारियों और अन्य पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उसके खिलाफ फर्जी वसूली का मामला दर्ज करने तथा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी थी।
बैंकर ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि वर्ष 2021 में फर्जी मामला दर्ज करने और उसमें जमानत मिलने के बाद कई बार अपराध शाखा के कार्यालय में उसे बुलाया गया और उन पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। ऐसा नहीं करने पर मकोका के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी गई थी।
बैंकर ने एईसी के दो अधिकारियों को भी अपनी शिकायत में नामजद किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों ने बिल्डर कैलाश अग्रवाल से समझौता करने या उनके व परिवार के सदस्यों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की धमकी दी।
