प्रहरी संवाददाता, मुंबई। भारतीय नौसेना ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड से पहला गाइडेड प्रक्षेपास्त्र विध्वंसक ‘पी15बी’ प्राप्त किया। नौसेना बेड़े में विशाखापत्तनम श्रेणी के जहाजों के रूप में पी15बी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को शामिल किया है।
जनवरी 2011 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था। पिछले दशक में शुरू किए गए कोलकाता वर्ग पी-15ए विध्वंसक का एडवांस वर्जन है। भारतीय नौसेना के इन-हाउस डिजाइन संगठन और नौसेना डिज़ाइन निदेशालय ने इसे डिज़ाइन किया है।
इस अवसर पर एमडीएल के अध्यक्ष वाइस एडमिरल नारायण प्रसाद, रियर एडमिरल के. पी. अरविंदम (वीएसएम, सीएसओ टेक) समेत नौसेना कार्मिकों की उपस्थिति रही। यह भारत में निर्मित सबसे लंबा विध्वंसक है। इसकी संपूर्ण लंबई 164 मीटर और विस्थापन क्षमता 7500 टन है।
यह पोत सुपरसोनिक सरफेस टू सरफेस ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल और ‘बराक-8’ लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल से सुसज्जित है। समुद्र के भीतर वारफेयर कैपेबल डिस्ट्रायर के रूप में विकसित इस पोत में एंटी सबमैरीन वेपन, हल माउंटेड सोनार हमसा एनजी, हेवी वेट टारपीडो ट्यूब लांचर्स, राकेट लांचर्स और सेंसर लगाए गए हैं। इस जहाज पर 312 कार्मिको के रहने की व्यवस्था है।
