ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्यलाइफस्टाइल

Republic Day Parade 2026: सिंदूर फॉर्मेशन से ब्रह्मोस तक, कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की सैन्य शक्ति

Share

✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, नई दिल्ली |
भारत ने आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे सैन्य गौरव, लोकतांत्रिक गरिमा और राष्ट्रनिर्माण की भावना के साथ मनाया। राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी राजनयिक और बड़ी संख्या में आम नागरिक समारोह के साक्षी बने।

Oplus_16908288

परेड की शुरुआत पारंपरिक 21 तोपों की सलामी से हुई, जिसके बाद थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने सधे कदमों के साथ मार्च करते हुए अनुशासन और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया। वायुसेना के राफेल, मिग-29, Su-30 और जगुआर लड़ाकू विमानों ने आकाश में ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ बनाकर फ्लाई-पास्ट किया, जिसने युद्ध से लेकर राष्ट्र-निर्माण तक भारत की सैन्य यात्रा का प्रतीकात्मक संदेश दिया।

तीनों सेनाओं की वेटरंस झांकी परेड का प्रमुख आकर्षण रही। ‘संग्राम से राष्ट्रनिर्माण तक’ थीम पर आधारित इस झांकी के अग्रभाग में संग्राम का प्रतीकात्मक चित्रण किया गया, जहां 3D गोलाकार दीवार पर ऐतिहासिक युद्धों और निर्णायक क्षणों में उपयोग की गई वॉर मशीनों को दर्शाया गया। दीवार के शीर्ष पर बनी अमर जवान ज्योति ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। झांकी का ट्रेलर हिस्सा राष्ट्रनिर्माण को दर्शाता रहा, जिसमें दिग्गज सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद भी देशसेवा में निरंतर भूमिका को रेखांकित किया गया।

परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की विशेष झांकी भी शामिल रही, जिसमें 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में प्रयुक्त सैन्य सामग्री और उस समय के इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर का मॉडल प्रदर्शित किया गया। तीनों सेनाओं के समन्वय, साझा कमान और सामूहिक शक्ति को इस प्रस्तुति के माध्यम से उभारा गया।

आधुनिक और स्वदेशी सैन्य साजो-सामान का प्रदर्शन भी चर्चा का केंद्र रहा। शक्तिबान और दिव्यास्त्र हाई-मोबिलिटी व्हीकल्स, धनुष गन सिस्टम, अमोघ एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), स्वदेशी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर और सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम ने भारतीय रक्षा उत्पादन की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित किया। 61 कैवलरी के टोही दस्ते, हाई-मोबिलिटी रिकोनिसेंस व्हीकल और स्वदेशी बख्तरबंद लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल ने भी परेड मार्ग पर दम दिखाया।

हेलिकॉप्टर ध्रुव द्वारा ‘प्रहार फॉर्मेशन’ का प्रदर्शन किया गया, जिसका नेतृत्व कर्नल विजय प्रताप ने किया। परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने संभाली, जबकि मेजर जनरल नवराज ढिल्लों सेकंड-इन-कमांड रहे।

सर्वोच्च वीरता पुरस्कार वितरण

समारोह के दौरान परमवीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित वीरता पुरस्कार विजेताओं की उपस्थिति ने परेड को विशेष गरिमा प्रदान की। इनमें परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (रिटायर्ड) और सूबेदार मेजर संजय कुमार और अशोक चक्र विजेता मेजर जनरल सीए पिथावालिया (रिटायरर्ड) और कर्नल डी श्रीराम कुमार शामिल थे।

 


Share

Related posts

चाहे अंबानी हो या अडाणी, उनकी पूजा की जानी चाहिए: भाजपा सांसद

samacharprahari

दो वर्षों में ऑनलाइन फ्रॉड बेतहाशा बढ़े

samacharprahari

रूस ने यूक्रेन में टीवी टावर को उड़ाया, 5 नागरिकों की मौत

Amit Kumar

स्मार्ट सिटी के नाम पर राज्यों को 23,145 करोड़ रुपये दिए : सरकार

samacharprahari

आईसीएसई 10वीं के नतीजे घोषित, 99.97 प्रतिशत बच्चे उत्तीर्ण

Prem Chand

आग की अफवाह, जान बचाने पुष्पक एक्सप्रेस से कूदे यात्री

samacharprahari