ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10एजुकेशनऑटोटेकताज़ा खबरबिज़नेसभारतराज्यलाइफस्टाइलविज्ञापन

कंपनियों में नियत अवधि तक इस्तेमाल का अधिकार बेचकर सरकार जुटाएगी 6 लाख करोड़ रुपये

Share

बुनियादी ढांचागत क्षेत्र के लिए छह लाख करोड़ रुपये की नेशनल मॉनेजाइजेशन स्कीम

प्रहरी संवाददाता, मुंबई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को छह लाख करोड़ रुपये की नेशनल मॉनेजाइजेशन स्कीम यानी राष्ट्रीय मौद्रिकरण योजना (एनएमपी) को शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत रेलवे, बिजली, सड़क से लेकर विभिन्न बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों में संपत्तियों का मौद्रिकरण किया जाएगा।

हालांकि मौद्रिकरण में जमीन की बिक्री शामिल नहीं है। इसमें मौजूदा संपत्तियों (ब्राउनफील्ड संपत्तियों) के मौद्रिकरण से संबंधित है। सरकार को इससे अपना खजाना भरने और वित्तीय घाटे को काबू में रखने में मदद मिलेगी, साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को लॉन्ग टर्म में सपोर्ट भी मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि एनएमपी के तहत वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2025 तक चार साल की अवधि में केंद्र सरकार की मुख्य संपत्तियों के माध्यम से छह लाख करोड़ रुपये की कुल मौद्रिकरण संभावनाओं का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि संपत्ति का स्वामित्व सरकार के पास बना रहेगा और उनका नियंत्रण वापस करना अनिवार्य होगा।

केंद्रीय बजट 2021-22 में बुनियादी ढांचे के टिकाऊ वित्तपोषण के एक प्रमुख साधन के रूप में परिचालनगत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की संपत्तियों के मौद्रिकरण की पहचान की गई थी। इस दिशा में बजट में एक राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन तैयार करने का भी प्रावधान किया गया। ढांचागत क्षेत्र के मंत्रालयों के साथ विचार विमर्श कर नीति आयोग ने एनएमपी पर रिपोर्ट तैयार की है। वित्त मंत्री ने कहा कि संपत्तियों के मौद्रिकरण से संसाधनों का दोहन होगा और उनके बेहतर मूल्य की स्थिति में लाया जा सकेगा।


Share

Related posts

भाजपा विधायक सहित 16 पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

Prem Chand

देशभर में गुरुवार को होगा चार घंटे का आंदोलन

samacharprahari

ईडी ने राज श्रॉफ की 35 करोड़ की संपत्ति कुर्क की

Prem Chand

तमिलनाडु की पटाखा फैक्टरी में ब्लास्ट, 7 लोगों की मौत

samacharprahari

महाराष्ट्र में मंदिर पॉलिटिक्स, राज्यपाल-सीएम के बीच जंग शुरू

samacharprahari

छह सौ ‘भ्रष्ट’ अधिकारियों पर अभियोग चलाने का मामला फाइलों में अटका

samacharprahari