– टेंबली में गरीबों के घर में नहीं था दिया जलाने का तेल
– राज्य के कई गांवों में अब तक नहीं पहुंची दीपावली किट
मुंबई। देश 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने की ओर बढ़ रहा है और देश की 80 पर्सेंट आबादी को सरकार मुफ्त राशन बांट रही है। इधर,देश में पहला आधार कार्डधारक बनने वाली महाराष्ट्र की एक महिला के घर दीपावली पर्व पर दीपक जलाने के लिए तेल ही नहीं था। नंदूरबार जिले के टेंबली गांव की निवासी रंजना सोनावने ने इस साल काली दीपावली मनाई है।
बताया जा रहा है कि दीपावली के दीये जलाने के लिए उनके घर में न तो तेल था, न ही मिठाई खरीदने के लिए पैसे। राज्य सरकार की ओर से भेजी गई दीपावली की मुफ्त किट तो गांव तक पहुंची ही नहीं। इससे रंजना सोनावने सहित पूरे टेंबली गांव के लोग दीपावली मनाने से वंचित रहे।
शिवसेना से बगावत के बाद भाजपा के सहयोग से मुख्यमंत्री बननेवाले एकनाथ शिंदे ने गरीबों की दीपावली को खुशनुमा बनाने के लिए राज्य में मुफ्त दीपावली किट बांटने की घोषणा की थी। लेकिन, प्रशासकीय लापरवाही की वजह से राज्य सरकार की ओर से भेजी गई मुफ्त दीपावली किट भी कई गांवों तक नहीं पहुंच सकी है।
इस संदर्भ में बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के प्रवक्ता और मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि कार्तिक एकादशी तक दीपावली रहती है। इसलिए सरकार की दीपावली किट गरीब परिवारों तक कार्तिक एकादशी तक पहुंच जाएगी। लेकिन शुक्रवार को कार्तिक एकादशी के दिन भी यह दीपावली किट गरीबों के घरों तक नहीं पहुंच सकी।
