ताज़ा खबर
OtherTop 10टेकताज़ा खबरभारतराज्य

भारतीय सेना होगी नए संचार नेटवर्क से लैस

Share

भारतीय सेना को अत्याधुनिक बनाने पर जोर
7796 करोड़ की लागत से नया संचार नेटवर्क होगा तैयार

नई दिल्ली। चीन व पाकिस्तान के साथ चल रहे सीमा विवाद व तनावों को देखते हुए भारतीय फौज को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की मांग होती आई है। 7796 करोड़ की लागत से नया संचार नेटवर्क होगा तैयार इसके अलावा, भारतीय सेना को 409 करोड़ रुपये के 10 लाख नए हैंड ग्रेनेड भी मिलेंगे। भारत ने लेजर चालित एंटी-टैंक मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है। पिछले सप्ताह पृथ्वी 2 ने निर्धारित लक्ष्य को भेद कर वायुसेना व थलसेना की ताकत को बढ़ाया है।

बता दें कि परिचालन (ऑपरेशनल) स्थितियों में बेहतर प्रदर्शन एवं जवाबदेही के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने 7,796.39 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर एक सुरक्षित और बेहतर संचार नेटवर्क के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

सूत्रों ने बताया कि एक तरफ, फौज को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है तो वहीं, भारतीय सेना अब विश्व युद्ध-2 विंटेज डिजाइन वाले हैंड ग्रेनेड की जगह नए आधुनिक ग्रेनेड का उपयोग करेगी। रक्षा क्षेत्र में भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल को प्रोत्साहन देते हुए रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना को 409 करोड़ रुपये की लागत से 10 लाख मल्टी मोड हैंड ग्रेनेड्स की आपूर्ति के लिए मैसर्स इकोनॉमिक एक्सप्लोजिव लिमिटेड (ईईएल), (सोलर ग्रुप) नागपुर के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।


इसके साथ ही, स्वदेश में विकसित लेजर चालित एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का गुरुवार को एक बार फिर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। यह गाइडेड मिसाइल लंबी दूरी तक निशाना साधने में सक्षम है। हाल ही में पृथ्वी 2 मिसाइल को भी सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था।

 


Share

Related posts

  ₹40,000 करोड़ ADAG जांच: सुप्रीम कोर्ट से बिना अनुमति विदेश नहीं जाएंगे अनिल अंबानी, ED-सीबीआई को जांच तेज करने के निर्देश  

samacharprahari

‘लड़की’ कहकर चिढ़ाने पर दुखी छात्र ने लगाई फांसी

Prem Chand

बेटी के इलाज के लिए बना साइबर क्रिमिनल्स का सहयोगी

samacharprahari

सुप्रीम कोर्ट का फैसला, फाइनल ईयर के एग्जाम होंगे

samacharprahari

‘नोट छापने की मशीन’ नहीं होने चाहिए अस्पतालः सुप्रीम कोर्ट

Prem Chand

टाटा या लार्सन एंड टर्बो करेंगे नए संसद भवन का निर्माण

samacharprahari