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नहीं देना होगा लोन के ब्याज पर ब्याज, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

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अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लोन लेने वालों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए भरोसा दिलाया कि एमएसएमई लोन, एजुकेशन, हाउसिंग, कंज्यूमर, ऑटो, क्रेडिट कार्ड बकाया और उपभोग लोन पर लागू चक्रवृद्धि ब्याज (ब्याज पर ब्याज) को माफ किया जाएगा।


केंद्र सरकार के हलफनामे के मुताबिक कोरोना संकट के दौरान पिछले 6 महीने के लोन मोरेटोरियम समय में दो करोड़ रुपये तक के लोन के ब्याज पर ब्याज की छूट दी जाएगी। केंद्र ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की स्थिति में, की छूट का भार वहन सरकार करेगी। उपयुक्त अनुदान के लिए संसद से अनुमति मांगी जाएगी।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण वजह से 22 मार्च से लेकर जुलाई तक देश भर में लॉकडाउन लगाया गया था। लॉकडाउन की वजह से काम-धंधे बंद थे। उद्योगों के बंद होने से कई लोग बेरोजगार हो गए और बैंक की ईएमआई नहीं चुका पाए।

 

भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 महीने तक ईएमआई नहीं चुकाने के संदर्भ में एक नोटिफिकेशन भी जारी किया था। लेकिन मोरेटोरियम के बदले लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को लेकर लोगों में चिंता थी। अतिरिक्त चार्ज लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए बड़ा बोझ बन रहा था। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अब राहत की उम्मीद नजर आने लगी है। ग्राहक सिर्फ लोन का सामान्य ब्याज ही देंगे।


बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने मोरेटोरियम मामले में केंद्र सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस बारे में हलफनामा दाखिल कर केंद्र सरकार अपना रुख स्पष्ट करे और रिजर्व बैंक के पीछे छुपकर अपने को बचाए नहीं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप सिर्फ व्यापार में दिलचस्पी नहीं ले सकते। लोगों की परेशानियों को भी देखना होगा। फिलहाल अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

 


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