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देश में अधिकारों और न्याय के लिए लड़ना देशद्रोह बनता जा रहा है: उद्धव

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केंद्र सरकार की नीतियों पर किया सवाल

प्रहरी संवाददाता, मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को अपनी वार्षिक दशहरा रैली में भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज देश में अधिकारों और न्याय के लिए लड़ना देशद्रोह जैसा अपराध माना जा रहा है। उन्होंने लद्दाख में हालिया हिंसा और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। ठाकरे ने कहा, “भाजपा एक अमीबा की तरह है, जो जिस शरीर या समाज में प्रवेश करता है, वहां अशांति और दर्द फैलाता है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि मुंबई नगर निकाय चुनावों से पहले वह हिंदू-मुसलमानों में फूट डालने की राजनीति कर रही है। नागपुर में आरएसएस की विजयादशमी रैली का उल्लेख करते हुए ठाकरे ने सरसंघचालक मोहन भागवत से पूछा कि क्या संघ अपने 100 सालों की मेहनत के ऐसे ‘ज़हरीले फल’ (भाजपा) से संतुष्ट है।

लद्दाख प्रकरण पर बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि सोनम वांगचुक को केवल इसलिए जेल में डाला गया क्योंकि उन्होंने पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग उठाई। 24 सितंबर को लेह में बंद के दौरान हुई हिंसा में चार लोगों की मौत और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिसके बाद वांगचुक को एनएसए के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेजा गया।

महाराष्ट्र में बाढ़ और बारिश से प्रभावित किसानों का मुद्दा उठाते हुए ठाकरे ने केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि “बिहार में वोट खरीदने के लिए पैसा है, लेकिन महाराष्ट्र के लिए राहत राशि नहीं।” उन्होंने ऋण माफी और 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता की मांग की।

मनसे के साथ गठबंधन पर ठाकरे ने कहा कि यह चुनावी रणनीति नहीं बल्कि स्थायी साथ है। उन्होंने घोषणा की कि नगर निकाय चुनावों में जीत के बाद शिवसेना (उबाठा) बीएमसी में भाजपा की लूट पर एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करेगी।

 


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