लखनऊ, 05 नवंबर 2023 : उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के कक्षा दो तक के छात्र छात्राओं को क्षेत्रीय भाषाओं में उनका पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इसको लागू करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं है। नई शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय भाषाओं और मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए यह योजना तैयार की गई है। आगामी सत्र से कक्षा दो तक के छात्र-छात्राओं को क्षेत्रीय भाषा में ही पढ़ाई कराई जाएगी। परिषदीय स्कूल की छात्र-छात्राएं क्षेत्रीय और स्थानीय भाषा मे दक्ष हो पाएंगी। नई शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक कक्षाओं से ही मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने को बढ़ावा दिया जा रहा है।छात्रों को सहूलियत से शिक्षक पढ़ा सके इसके लिए 75 हजार शब्दों का शब्दकोश भी तैयार किया गया है। इसमें भोजपुरी, अवधी, ब्रज और बुंदेली से शब्दों का संकलन और परिमार्जन किया गया है। ऐसे होने से शिक्षक को छात्र-छात्राओं को उन्हीं की मातृ भाषा में शिक्षा देने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
