ताज़ा खबर
OtherTop 10ताज़ा खबरभारतराज्यलाइफस्टाइल

देश भर में निकाली जा रही है रेजांग ला अस्थि राज कलश यात्रा: वीर अहीर जवानों के बलिदान को राष्ट्र का नमन

Share

1962 के रणबांकुरों की शौर्यगाथा, हर युवा के लिए प्रेरणा

डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली/लेह। जब भी भारत के सैन्य इतिहास में बलिदान और वीरता की बात होगी, रेजांग ला का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। 18 नवंबर 1962 को, लद्दाख की बर्फीली ऊंचाइयों पर, कुमाऊं रेजिमेंट की 13वीं बटालियन के वीर अहीर जवानों ने शौर्य और बलिदान की एक ऐसी गाथा लिखी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उन्हीं रणबांकुरों की अस्थियों के साथ निकाली जा रही ‘रेजांग ला अस्थि राज कलश यात्रा’ पूरे देश में राष्ट्रभक्ति की भावना को पुनर्जीवित कर रही है।

जब 120 वीरों ने 1300 चीनी सैनिकों को धूल चटाई

1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांग ला की लड़ाई दुनिया के सबसे कठिन युद्धों में से एक मानी जाती है। यह केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि अहीर योद्धाओं के अद्वितीय शौर्य और अदम्य साहस की अमर कहानी थी।

• मेजर शैतान सिंह के नेतृत्व में 120 जवानों ने विषम परिस्थितियों में मोर्चा संभाला।
• दुश्मन सेना के 1300 से अधिक सैनिक आधुनिक हथियारों और बेहतर संसाधनों से लैस होकर हमला कर चुके थे।
• भीषण ठंड, सीमित गोला-बारूद और कम संसाधनों के बावजूद, भारतीय वीरों ने अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी।
• जब तक आखिरी सैनिक जीवित रहा, रेजांग ला दुश्मन के हाथ नहीं लगा।
• इस अभूतपूर्व वीरता के लिए मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

कलश यात्रा का उद्देश्य: यह यात्रा देशभर के ऐतिहासिक स्थलों, सैनिक छावनियों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में जाएगी, जहां लोग वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

• हर युवा तक पहुंचे यह प्रेरणा
• भारत माता के इन वीर सपूतों की शौर्यगाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रेजांग ला अस्थि राज कलश यात्रा निकाली जा रही है।
• युवा पीढ़ी को बलिदान और देशभक्ति से अवगत कराना
• शहीदों की स्मृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देना
• भारत की सैन्य शक्ति और इतिहास को जीवंत बनाए रखना

राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक

इस यात्रा का हर पड़ाव एक संदेश लेकर आएगा—राष्ट्र सर्वोपरि। आज जब भारत अपनी सीमाओं को और मजबूत कर रहा है, तब 1962 में लड़े गए इस ऐतिहासिक युद्ध की सीख हर नागरिक को प्रेरित कर रही है। रेजांग ला की बर्फीली चोटियों पर लिखा गया यह शौर्य गान सदैव अमर रहेगा!

विश्व की सबसे लंबी कलश यात्रा का दावा

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा (एबीवाईएम) ने शताब्दी समारोह के तहत इस यात्रा को एक वर्ष और बढ़ाने का निर्णय लिया है। एबीवाईएम के राष्ट्रीय संयोजक दिनेश यादव ने बताया कि एबीवाईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में, रेजांग ला की पवित्र मिट्टी एकत्रित करने का काम अगले एक और साल तक चलेगा।

दिनेश यादव ने बताया कि हमने 1 लाख किमी लंबी रेजांग ला अस्थि कलश यात्रा की पूरी तैयारी कर ली है। इस कलश यात्रा में दुनिया के सबसे लंबे मार्ग को कवर करने का उल्लेखनीय रिकॉर्ड हासिल करने की क्षमता है।

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वप्न कुमार घोष एवं शताब्दी समारोह समिति के अध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि रेजांग ला अस्थि राज कलश यात्रा देश भर में 1 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तक निकाली जाएगी। हमने गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से संपर्क किया है और आवेदन दायर किया है।


Share

Related posts

कोरोमंडल ट्रेन हादसे में 233 यात्रियों की मौत, 900 घायल

samacharprahari

सावधान! वाट्सएप पर एपीके फाइल भेज हो रही ठगी

Prem Chand

डेटा चोरी से कंपनियों को औसतन 14 करोड़ का नुकसान: आईबीएम

samacharprahari

662 करोड़ भ्रष्टाचार मामले में कर्नाटक के पूर्व सीएम को नोटिस

Prem Chand

महाराष्ट्र में 16 आईएएस अधिकारियों का तबादला

samacharprahari

पिंक नोट के सर्कुलेशन में आई कमी, नए नोट छापने का आदेश नहीं मिला

samacharprahari