✍🏻 डिजिटल न्यूज डेस्क, जम्मू | रविवार शाम जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में उस समय तनावपूर्ण शांति का माहौल बन गया, जब नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अलग-अलग दिशाओं से एक साथ कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिलते ही सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया और व्यापक निगरानी शुरू कर दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, कम से कम पांच संदिग्ध ड्रोन गतिविधियां दर्ज की गईं। सभी ड्रोन एक समान पैटर्न पर चलते नजर आए—सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करना, अग्रिम इलाकों में कुछ समय तक मंडराना और फिर वापस उसी दिशा में लौट जाना। इससे संभावित हथियार या मादक पदार्थ गिराए जाने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ा दी गई।
राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के ऊपर शाम करीब 6:35 बजे एक ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली। सेना के जवानों ने किसी भी संभावित ड्रॉप को रोकने के लिए हल्की और मध्यम मशीनगनों से फायरिंग की। हालांकि ड्रोन को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके कुछ ही मिनट बाद टेरयाथ क्षेत्र के खब्बर गांव के पास एक और चमकती हुई हवाई वस्तु देखी गई, जो कालाकोट के धर्मसल गांव की ओर से आती हुई भराख दिशा में आगे बढ़ती नजर आई।
इसी तरह सांबा के रामगढ़ सेक्टर और पुंछ के मंकोट सेक्टर में भी ड्रोन जैसी गतिविधियों की सूचना मिली। एहतियात के तौर पर सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित ड्रॉप जोनों में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया, जो देर रात तक जारी रहा। पूरे इलाके में आसमान और जमीन—दोनों स्तरों पर कड़ी निगरानी बनाए रखी गई है।
