ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

भाजपा में अब ‘स्टांप पेपर’ से साधी जा रही वफादारी

Share

  • कोर कमेटी के सामने बगावत की चुनौती

  • 700 दावेदारों ने बढ़ाया आलाकमान का सिरदर्द

✍🏻 प्रहरी संवाददाता, पिंपरी-चिंचवड | अनुशासन, संगठन और कैडर आधारित राजनीति का दावा करने वाली पार्टी के लिए पिंपरी-चिंचवड महानगर पालिका चुनाव अब साख की लड़ाई बन चुका है। टिकट बंटवारे से पहले ही पार्टी के भीतर जिस तरह असंतोष और बगावत के सुर उभर रहे हैं, उसने संगठनात्मक मजबूती के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि संभावित बगावत को थामने के लिए पार्टी को अब ‘राजनीतिक भरोसे’ की जगह 100 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखित वफादारी तलाशनी पड़ रही है।

128 सीटें, 700 से ज्यादा दावेदार

फरवरी 2017 में राष्ट्रवादी कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा के सामने इस बार उम्मीदों की भीड़ है। शहर की 128 सीटों के लिए 700 से अधिक इच्छुकों ने टिकट के लिए आवेदन किया है। इनमें पार्टी के पुराने दिग्गज, हाल में अन्य दलों से आए नेता, मौजूदा नगरसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।

महायुति समीकरण के तहत भाजपा को कई सीटें सहयोगी पार्टियों के लिए छोड़नी होंगी। ऐसे में अपने ही कार्यकर्ताओं के लिए उपलब्ध सीटें और सिमट गई हैं। नतीजा टिकट कटने की आशंका से कई कद्दावर नेता निर्दलीय या वैकल्पिक राजनीतिक रास्तों की तैयारी में जुट गए हैं।

साक्षात्कार या औपचारिकता?

इस बीच, 16 और 17 दिसंबर को हुई साक्षात्कार प्रक्रिया ने असंतोष को और हवा दी। अंतिम चरण में कई वार्डों के इच्छुकों के सामूहिक इंटरव्यू लिए गए, जिन्हें कार्यकर्ताओं ने “दिखावटी कवायद” बता दिया। नाराज दावेदारों का आरोप है कि उम्मीदवारों की सूची पहले ही बंद कमरों में तय हो चुकी है और इंटरव्यू केवल संगठनात्मक औपचारिकता निभाने के लिए किए गए।

शपथपत्र से वफादारी की कोशिश

बगावत की आहट को भांपते हुए भाजपा की कोर कमेटी ने एक असामान्य दांव चला है। इच्छुकों से लिखित शपथपत्र लिया जा रहा है कि टिकट न मिलने की स्थिति में वे न तो चुनाव लड़ेंगे और न ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होंगे। राजनीतिक गलियारों में इसे उस विडंबना के तौर पर देखा जा रहा है, जहां “अनुशासन की पार्टी” को अपने ही कार्यकर्ताओं पर भरोसा कायम रखने के लिए अब स्टांप पेपर का सहारा लेना पड़ रहा है।


Share

Related posts

भूमि सौदे के मामले में खडसे को राहत

samacharprahari

भाजपा से तलाक के बाद बिहार में बनेगी महागठबंधन की सरकार

samacharprahari

अदालत ने एचडीआईएल के प्रवर्तकों सारंग और राकेश वधावन को जमानत दी

Prem Chand

राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार में निकालेंगे ‘वोटर अधिकार यात्रा’

samacharprahari

थोक महंगाई पड़ेगी भारी, महंगाई से निजात नहीं

samacharprahari

इस बार नहीं आएंगे लालबागचा राजा

Prem Chand