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सूरत में निर्विरोध चुने गए बीजेपी प्रत्याशी मुकेश दलाल, कांग्रेस ने कहा लोकतंत्र ख़तरे में

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कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा अवैध, प्रस्तावकों के लापता होने की शिकायत दर्ज

प्रहरी संवाददाता, मुंबई। गुजरात के सूरत में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार नीलेश कुंभानी का पर्चा रद्द होने के बाद अब नया मोड़ आ गया है। यहां से बीजेपी प्रत्याशी मुकेश दलाल निर्विरोध चुने गए हैं।
बता दें कि रविवार को कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा रद्द होने के बाद बाक़ी सभी निर्दलीय उम्मीदवारों ने पर्चा वापस ले लिया। हालांकि बसपा उम्मीदवार प्यारेलाल भारती ने अपना फॉर्म वापस नहीं लिया था, लेकिन उन्होंने भी बाद में अपना पर्चा वापस ले किया। इसके बाद सूरत के कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफ़िसर ने बीजेपी प्रत्याशी दलाल को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया।

बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर आपत्ति जताई थी। उसका दावा है कि कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभानी के नामांकन पत्र पर चार प्रस्तावकों के हस्ताक्षर थे, जिसमें से वे तीन प्रस्तावकों को चुनावी अधिकारी के सामने पेश नहीं कर पाए।

प्रस्तावकों के अपहरण का आरोप

आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल इटालिया ने दावा किया है कि नीलेश कुंभानी के प्रस्तावकों का अपहरण किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावकों से संपर्क नहीं हो पा रहा था और किसी ने डरा-धमकाकर और दबाव डालकर उनसे शपथ पत्र लिया और उसे कलेक्टर ऑफिस में दिया।

कांग्रेस ने कहा- असली ‘सूरत’ एक बार फिर देश के सामने है!

सूरत से कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर लिखा, “तानाशाह की असली ‘सूरत’ एक बार फिर देश के सामने है! जनता से अपना नेता चुनने का अधिकार छीन लेना बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को खत्म करने की तरफ बढ़ाया एक और कदम है।”

राहुल ने लिखा, “मैं एक बार फिर कह रहा हूं -यह सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है, यह देश को बचाने का चुनाव है, संविधान की रक्षा का चुनाव है।”

 

इन लोगों ने पर्चा लिया वापस

लॉग पार्टी के उम्मीदवार - सुहैल शेख
ग्लोबल रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार - जयशाह भाई मेवाड़ा
बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार - प्यारे लाल भारती
सरदार वल्लभभाई पटेल पार्टी के उम्मीदवार - अब्दुल हामिद खान

निर्दलीय उम्मीदवार- भारत भाई प्रजापति, अजीत उमात, किशोर भाई दयानी, रमेश भाई बारैया

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