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मनी लॉन्ड्रिगः भूषण पावर के अधिकारी महेंद्र खंडेलवार की प्रॉपर्टी अटैच

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ईडी ने बीपीएसएल के खिलाफ धनशोधन मामले में 1.74 करोड रुपये की संपत्ति जब्त की

प्रहरी संवाददाता, मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) से संबंधित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में 1.74 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
ईडी ने शुक्रवार को बताया कि बीपीएसएल के लिए पूर्व ‘रिजोल्यूशन प्रोफेशनल’ महेंद्र कुमार खंडेलवाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बीपीएसएल का राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में समाधान प्रक्रिया जारी है। इस मामले में 25 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। ईडी ने कुल 4420.16 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही अटैच की है। आपराधिक तरीके से जमा की गई कुल 4421.90 करोड़ रुपये की आयको ईडी ने अटैच किया है।
ईडी ने एक बयान में कहा, ‘खंडेलवाल ने आपराधिक गतिविधि के माध्यम से कुछ अधिकारियों के साथ साठगांठ करते हुए बीपीएसएल के एक कोयला आपूर्तिकर्ता से कमीशन केजरिए 1,73,63,488 रुपये की आय अर्जित की थी। विभिन्न बैंकों द्वारा बीपीएसएल को दिए गए कर्ज में से उनके परिवार के सदस्यों, करीबी रिश्तेदारों के विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से धन की अवैध रूप से हेराफेरी की गई।’
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक अप्रैल 2019 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। ईडी ने इस आधार पर धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था। सीबीआई की प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया था कि बीपीएसएल ने 33 विभिन्न बैंकों या वित्तीय संस्थानों से विभिन्न ऋण सुविधाओं का लाभ उठाया। भूषण पावर पर 30 जनवरी 2018 तक बकाया राशि 47,204 करोड़ रुपये थी। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने भी 31 दिसंबर 2015 को बीपीएसएल के खाते को एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्तियां) के रूप में घोषित किया था।


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