मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अस्थायी रूप से लाल महल लिमिटेड की 7.47 करोड़ रुपये की नकदी, सोने के आभूषण और चांदी समेत कई चल संपत्तियों को संलग्न किया है। जांच एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) के तहत जब्ती की कार्रवाई की है।
ईडी ने डीआरआई की नोएडा यूनिट द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 135 के तहत जांच शुरू की थी। लाल महल लिमिटेड ने 586 किलोग्राम ड्यूटी फ्री सोने का आयात किया था। घरेलू बाजार में सोने की खपत करने के बाद सीमा शुल्क की चोरी की।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच से पता चला है कि मेसर्स श्री लाल महल लिमिटेड और इसकी संबंधित इकाई मेसर्स बिंद्रा सेल्स प्रा. लिमिटेड के नाम पर कंपनी के मुखिया प्रेम चंद गर्ग, अनीता गर्ग और अन्य इस आपराधिक मामलों में शामिल थे। इन लोगों पर 17.54 करोड़ रुपये के सीमा शुल्क की चोरी के आरोप हैं। आगे की जांच प्रक्रिया में है।
