हलफनामों के लिए आवश्यक 500 रुपये की स्टांप ड्यूटी (मुद्रांक शुल्क) को माफ करने का आदेश
डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, नॉन-क्रीमीलेयर सर्टिफिकेट और राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र सहित सभी शासकीय हलफनामों के लिए आवश्यक 500 रुपये की स्टांप ड्यूटी (मुद्रांक शुल्क) को माफ करने का आदेश दिया है। इस निर्णय से लाखों विद्यार्थियों सहित करोड़ों नागरिकों को राहत मिलेगी।

अब तक विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए सरकारी शुल्क के अलावा स्टांप ड्यूटी भी भरनी पड़ती थी, जिससे कुल खर्च 3 से 4 हजार रुपये तक पहुंच जाता था। खासतौर पर 10वीं और 12वीं के रिजल्ट के बाद विद्यार्थियों को इन प्रमाणपत्रों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
राज्य के विद्यार्थियों सहित नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से मुक्त करने और प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, नॉन-क्रीमीलेयर सर्टिफिकेट और राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र सहित सभी शासकीय प्रमाणपत्रों के लिए एक साधारण कागज पर सेल्फ-अटेस्टेड (स्वसाक्षांकित) आवेदन लिखकर संबंधित तहसील कार्यालय में जमा करना होगा।
राजस्व मंत्री बावनकुले ने इस फैसले को तुरंत लागू करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। इससे महाराष्ट्र के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और सरकारी प्रक्रियाएं भी अधिक तेज़ और सुविधाजनक हो जाएंगी।
