-बोर्ड ने कहा- रात को इंजन में चलें लोको इंस्पेक्टर, येलो सिग्नल पर ट्रेन परिचालन की हो मॉनिटरिंग
डिजिटल नयूज डेस्क, नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में रविवार को दो ट्रेनों की टक्कर में यात्रियों की मौत के बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को 31 अक्टूबर से दो सप्ताह का गहन सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को भेजे गए एक पत्र में बोर्ड ने कहा, ‘एसपीएडी (खतरे पर पारित सिग्नल) और दुर्घटनाओं के हालिया मामलों में ट्रेन संचालन में निर्धारित प्रोटोकॉल और सतर्कता को मजबूत करने की जरूरत है। इसके लिए 14 नवंबर तक 2 सप्ताह का एक गहन सुरक्षा अभियान तुरंत शुरू किया जाना है, जिसमें सभी स्तरों के अधिकारी शामिल होंगे।’
23 सुरक्षा पहलुओं को जांचने के आदेश
बोर्ड ने 23 सुरक्षा पहलुओं को सूचीबद्ध किया है और जोनल रेलवे को अभियान के दौरान इन पर जोर देने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा है कि अधिकारियों और लोको निरीक्षकों को इंजन में रेंडमली सफर करना चाहिए। खास तौर पर रात में इस पर ध्यान देना चाहिए और यह देखना चाहिए कि चालक दल सुरक्षा मानदंडों का पालन कर रहा है या नहीं।
पत्र में निर्देश दिया गया है कि लोको निरीक्षकों को क्रू वॉयस और वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम (सीवीवीआरएस) की निगरानी के साथ-साथ फिजिकली भी जांच करनी चाहिए। उन्हें देखना चाहिए कि क्या चालक दल, लोको पायलट (एलपी) और सहायक लोको पायलट (एएलपी) सभी को कॉल कर रहे हैं या एक-दूसरे को स्पष्ट रूप से संकेत दे पा रहे हैं।
बोर्ड चाहता है कि चालक दल की पीले सिग्नल और ग्रेडिएंट में ट्रेन को संभालने की उनकी क्षमता पर विशेष रूप से निगरानी रखी जाए ताकि वे लाल सिग्नल पर तुरंत रुक सकें।
12 घंटे की ड्यूटी करने को मजबूर ट्रेन चालक
ट्रेन ड्राइवरों की यूनियनों ने एक पखवाड़े के भीतर दो बड़ी ट्रेन दुर्घटनाओं के बाद बोर्ड की पहल को महज एक दिखावा और सिर्फ अपना चेहरा बचाने का एक कदम बताया है। उनका कहना है कि अधिकांश मंडलों में लोको पायलटों के 10 से 15 फीसदी पद खाली हैं और लगभग इतना ही प्रतिशत उन ट्रेन ड्राइवरों का भी है, जो 12 घंटे से ज्यादा काम करने को मजबूर हैं।
